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सरगुजा वन वृत में RTI व्यवस्था पर सवाल: एक परिक्षेत्र में अवकाश, दूसरे में उसी दिन सूचना अपलोड


अम्बिकापुर,सरगुजा/छत्तीसगढ़ सरगुजा वन वृत के अंतर्गत आने वाले दो वनमंडल के अलग अलग दो वन परिक्षेत्रों में सूचना का अधिकार (RTI) पोर्टल पर दिखाई दे रही कार्यप्रणाली ने पारदर्शिता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला यह है कि वनमंडल मनेन्द्रगढ़ के एक वन परिक्षेत्र में एक RTI कार्यकर्ता द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने पर पोर्टल यह संदेश प्रदर्शित करता है कि आवेदन शासकीय अवकाश के दिन प्राप्त हुआ है, इसलिए उसे आगामी कार्य दिवस से मान्य माना जाएगा। वहीं दूसरी ओर वनमंडल बलरामपुर के एक वन परिक्षेत्र में उसी अवकाश दिवस पर सूचना अपलोड कर प्रकरण का निराकरण भी कर दिया गया।

एक ही वन वृत के अंतर्गत आने वाले दो अलग-अलग वनमंडलों के दो परिक्षेत्रों में दिखाई दे रही यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है। यदि अवकाश दिवस में आवेदन को अगले कार्य दिवस से मान्य माना जाता है, तो उसी दिन सूचना अपलोड कर प्रकरण पूर्ण करने की प्रक्रिया किस नियम के तहत की गई?

उठ रहे हैं गंभीर सवाल

●क्या सरगुजा वन वृत के अलग-अलग वनमंडलों में RTI नियमों की अलग-अलग व्याख्या की जा रही है?

●यदि अवकाश दिवस में आवेदन प्रभावी नहीं माना जाता, तो उसी दिन सूचना उपलब्ध कराना कैसे संभव है?

●क्या RTI पोर्टल की कार्यप्रणाली सभी कार्यालयों में समान रूप से लागू नहीं हो रही?

●क्या राज्य सूचना आयोग इस प्रकार की विसंगतियों की निगरानी कर रहा है?

सूचना के अधिकार से जुड़े जानकारों का मानना है कि राज्य सूचना आयोग एवं वन विभाग को इस मामले की जांच कर स्पष्ट करना चाहिए कि अवकाश दिवस में ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों और उन पर की जाने वाली कार्रवाई की वास्तविक प्रक्रिया क्या है, ताकि पूरे प्रदेश में RTI कानून का समान और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।एक ही वन वृत, एक ही RTI पोर्टल, लेकिन दो अलग-अलग प्रक्रियाएं— यही सवाल अब चर्चा का विषय बन गया है।

रिश्तेदारों पर बने व्यंग्यात्मक वीडियो ने मचाया धमाल, 5 दिनों में 10 लाख व्यूज के करीब पहुँची रील

 



न्यूज़ डेस्क -सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर #अल्हड़_पँछी नाम के अकाउंट का एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। रिश्तेदारों और समाज की दखलअंदाजी पर व्यंग्य करते हुए बनाई गई यह रील लोगों को इतनी पसंद आई कि महज 5 दिनों के भीतर इसे लगभग 10 लाख लोगों ने देख लिया।

वीडियो में एक युवती पारंपरिक अंदाज और सहज अभिनय के जरिए रिश्तेदारों के सवालों पर तंज कसती नजर आती है। रील में इस्तेमाल की गई पंक्तियाँ —

“हाय रे मेरे रिश्तेदार,

काम काज सब छोड़ के अपना,

बन बैठे ये पहरेदार…”

दर्शकों के बीच खूब वायरल हो रही हैं।

देखें video



रील को अब तक करीब 9.41 लाख व्यूज, 50 हजार से ज्यादा लाइक्स, हजारों शेयर और सेव मिल चुके हैं। वहीं इस वीडियो के जरिए अकाउंट पर सैकड़ों नए फॉलोअर्स भी जुड़े हैं।

सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को “ग्रामीण जीवन की सच्चाई” और “रिश्तेदारों की टोकाटाकी पर सटीक व्यंग्य” बता रहे हैं। कम संसाधनों में बनाए गए इस वीडियो की सादगी और देसी अंदाज ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है।

“अल्हड़ पंछी” अकाउंट हिंदी कविता, कहानी और सामाजिक भावनाओं से जुड़े कंटेंट के लिए जाना जाता है। लगातार बढ़ती लोकप्रियता यह दिखाती है कि अब छोटे क्रिएटर्स भी अपने ओरिजिनल कंटेंट के दम पर सोशल मीडिया पर बड़ी पहचान बना रहे हैं।

आबकारी ने दो अवैध शराब तस्कर और विक्रेता को न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल

 


कोरिया बैकुंठपुर/कलेक्टर कोरिया श्रीमती राेक्तिमा यादव के निर्देश तथा जिला आबकारी अधिकारी  रमेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन जिले में अवैध मदिरा के तस्करी, परिवहन एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला आबकारी विभाग द्वारा दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए अवैध शराब जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पहली कार्रवाई के दौरान ग्राम रोबो में मध्यप्रदेश से तस्करी कर लाई शराब की बिक्री की सूचना पर छापामार कार्रवाई की गई। आरोपी कृष्णा लक्ष्मी w/o शिव प्रसाद उम्र 50 जाति रजवार निवासी रोबो थाना बैकुंठपुर के रिहायशी मकान से 6 पाव नग विदेशी मदिरा (गोवा व्हिस्की) और जरीकेन में भरी हुई 9 लीटर महुआ शराब जप्त की गई.

आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर  सी जे एम कोर्ट बैकुंठपुर से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया.

चरचा क्षेत्र में मालती बुधराम बरगाह को अवैध रूप से 8 लीटर मदिरा विक्रय करते हुए पकड़ा गया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल बैकुंठपुर भेजा गया.

इन कार्रवाइयों में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती सपना सिन्हा, आबकारी उप निरीक्षक राम सनेही यादव, आरक्षक किशुन, बबुआ, नरेंद्र और हेमन्त का विशेष योगदान रहा।आबकारी विभाग ने बताया कि अवैध शराब विक्रय एवं तस्करी पर नियंत्रण हेतु अभियान निरंतर जारी रहेगा। आमजन से अपील है कि अवैध शराब संबंधी किसी भी सूचना जानकारी या शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 14405, व्हाट्सएप नम्बर 9424102102 और मनपसंद ऐप पर संपर्क करें। 

जिले में बैकुंठपुर में प्रीमियम और तलवापारा दुकान के अलावा पटना,चरचा, पण्डोपारा, सोनहत और जिल्दा में दुकानें संचालित है. इन दुकानों में मैनपावर एजेंसी टीम एच आर जी एस ए प्राइवेट लिमिटेड और सुरक्षा गार्ड फर्स्ट चॉइस फैसिलिटी कंपनी अधिकृत है

नवा तरिया से बदलेगी घुघरा की तस्वीर, जलसंरक्षण के साथ महिलाओं को मिलेगा आजीविका का सहारा

घुघरा में नवीन तालाब निर्माण से ग्रामीणों को रोजगार और सिंचाई की नई सौगात





कोरिया/बैकुंठपुर।कोरिया जिले के वनांचल क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत सोनहत की ग्राम पंचायत घुघरा में “नवा तरिया आय के जरिया” योजना के तहत नवीन तालाब निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण श्रमिकों की सक्रिय सहभागिता से यह कार्य मनरेगा अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जलसंरक्षण के साथ ग्रामीणों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।

ग्राम पंचायत घुघरा को वित्तीय वर्ष 2026 में इस कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। पंचायत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आगामी जून माह के मध्य तक तालाब निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावना है।

ग्रामीण सहभागिता से मिल रही गति’
ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती चंद्रवती गरूण एवं उपसरपंच श्री रामभजन राजवाड़े ने बताया कि वरिष्ठ ग्रामीणों की सलाह और सहमति के बाद उपयुक्त स्थल का चयन किया गया। भूमिपूजन उपरांत बीते सप्ताह से निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। ग्रामीणों का प्रयास है कि बारिश शुरू होने से पहले तालाब निर्माण पूर्ण हो जाए।

’20 लाख की लागत से बन रहा जलसंरक्षण का आधार’
मनरेगा अंतर्गत लगभग 20 लाख रुपए की स्वीकृति इस कार्य के लिए प्रदान की गई है, जिसमें 17 लाख 37 हजार रुपए श्रममूलक मद के अंतर्गत व्यय होंगे। ग्राम पंचायत घुघरा को निर्माण एजेंसी बनाया गया है।

निर्माणाधीन तालाब की लंबाई एवं चौड़ाई लगभग 70×70 मीटर निर्धारित की गई है। कार्य पूर्ण होने पर इसमें लगभग 6300 घनमीटर से अधिक जलभराव क्षमता विकसित होगी। प्रस्तावित 6 हजार 657 मानव दिवसों के विरुद्ध अब तक लगभग 500 मानव दिवस अकुशल श्रम का सृजन किया जा चुका है।

’महिलाओं की आजीविका और मत्स्य उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा’
यह नवीन तालाब आसपास के 16 परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा। इसके माध्यम से लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बहुफसलीय सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। कार्यक्रम अधिकारी श्री प्रतीक ने बताया कि महिलाओं की भागीदारी और आजीविका संवर्धन को ध्यान में रखते हुए कार्य पूर्ण होने के बाद तालाब को स्थानीय महिला समूह को हस्तांतरित किया जाएगा। तालाब में निर्धारित गहराई अनुसार आने वाले वर्षों में लगभग 10 से 15 क्विंटल तक मत्स्य उत्पादन संभव होगा, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।