बैकुंठपुर में हर्षाेल्लास से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस साइबर अपराध के खिलाफ कोरिया में जागृति अभियान की शुरुआत दो साल से पाइपलाइन तैयार, फिर भी नलों में पानी का इंतजार

कोरिया वन मंडल में मनमानी DFO पर मनचाही पोस्टिंग करने का गंभीर आरोप

 


कोरिया/बैकुंठपुर।कोरिया वन मंडल इन दिनों विवादों के केंद्र में है। विभाग में ट्रांसफर–पोस्टिंग को लेकर उठ रहे सवालों ने पूरे वन मंडल में हलचल मचा दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि वन मंडल में नियम-क़ानून से अधिक व्यक्तिगत निर्णयों का दबदबा दिखाई दे रहा है।

सूत्रों की मानें तो DFO चंद्रशेखर सिंह परदेशी पर ऐसे अधिकारों का प्रयोग करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जो उनके पास आधिकारिक रूप से मौजूद ही नहीं हैं। कहा जा रहा है कि बिना स्वीकृति के कर्मचारियों का जबरन ट्रांसफर कर नया विवाद खड़ा कर दिया गया है।

गेज नर्सरी में उलटफेर — वन रक्षक को बनाया गया प्रभारी, सवालों की बौछार

बता दे कि,बैकुंठपुर स्थित गेज नर्सरी में पाँच साल से जिम्मेदारी संभाल रहे फॉरेस्टर को अचानक उनके पद से हटाकर स्पेशल ड्यूटी भेज दिया गया।आरोप है कि उनके स्थान पर एक वन रक्षक को नर्सरी प्रभारी नियुक्त कर दिया गया, जबकि यह जिम्मेदारी सामान्यतः फॉरेस्टर स्तर के अधिकारी की होती है।नए प्रभारी के पदभार संभालते ही नर्सरी में पौधों के सूखने की घटनाएँ लगातार सामने आने लगी हैं, जिससे मजदूरों के बीच असंतोष और बढ़ गया है।

दुर्ग से मंगाए गए पौधे भी खराब होने लगे

सूत्रों के अनुसार DFO द्वारा दुर्ग से विशेष रूप से आम और अर्जुन के पौधे मंगवाए गए थे।लेकिन प्रबंधन में अव्यवस्था और गलत तरीके से देखरेख के कारण नर्सरी में इन पौधों पर भी असर दिख रहा है। नर्सरी में काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि नए प्रभारी को नर्सरी संचालन का सही तरीका नहीं पता, फिर भी पौधों के सूखने का ठीकरा मजदूरों पर फोड़ा जा रहा है, जबकि मजदूर पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से अपना काम कर रहे हैं।


राज्योत्सव आमंत्रण पत्र से नाम गायब होने पर जनपद उपाध्यक्ष ने जताई नाराज़गी


कोरिया,बैकुंठपुर/छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2025 के आयोजन को लेकर जारी आमंत्रण पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बैकुंठपुर जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष प्यारे साहू ने इस पर कड़ी नाराज़गी जताई है।

श्री साहू का कहना है कि – “राज्योत्सव जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के आमंत्रण पत्र में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष का नाम न होना प्रशासन की लापरवाही और असमानता को दर्शाता है।”

उन्होंने आगे कहा कि जनपद पंचायत भी ग्रामीण विकास की प्रमुख इकाई है और राज्योत्सव जैसे ऐतिहासिक अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए था।

स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक वर्गों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज़ है। कई लोगों का मानना है कि राज्योत्सव जैसे गौरवशाली आयोजन में प्रतिनिधियों के नाम छूटना प्रशासनिक समन्वय की कमी को उजागर करता है।

भारतीय पनिका समाज जिला इकाई कोरिया की समीक्षा बैठक सम्पन्न‘एक समाज, एक संगठन’ का संदेश दिया गया

 


कोरिया,बैकुंठपुर/भारतीय पनिका समाज जिला इकाई कोरिया (छत्तीसगढ़) की समीक्षा बैठक बीते 31 शुक्रवार को ग्राम खाड़ा स्थित मन्नत मैरिज गार्डन भवन में दोपहर 12:00 बजे से संपन्न हुई।बैठक की अध्यक्षता राजाराम जाता, जिला अध्यक्ष, भारतीय पनिका समाज कोरिया ने की,इस अवसर पर संभाग अध्यक्ष  रामधन देवांगन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यसूची की समीक्षा एवं निर्णय

बैठक में मुख्य रूप से दिनांक 26 अक्टूबर 2025 को संपन्न शपथ एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम की समीक्षा की गई।उपस्थित सदस्यों ने इस आयोजन को समाज के इतिहास का सफल और यादगार कार्यक्रम बताया।जिन पदाधिकारियों की उपस्थिति शपथ समारोह में नहीं हो सकी थी, उन्हें संभाग अध्यक्ष द्वारा इस बैठक में पुनः ससम्मान शपथ दिलाई गई।बैठक के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से शपथ सम्मान समारोह कार्यक्रम का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे सभी सदस्य उस आयोजन की झलक देख सके।

संभाग अध्यक्ष का उद्बोधन

अपने संबोधन में संभाग अध्यक्ष  रामधन देवांगन ने कहा कि समाज की मजबूती संगठन से होती है।उन्होंने “एक समाज, एक संगठन” का संदेश देते हुए समाज विरोधी तत्वों को बर्दाश्त न करने की स्पष्ट हिदायत दी।

पदाधिकारी परिवर्तन का निर्णय

पत्र क्रमांक 23, बैकुंठपुर, दिनांक 23.10.2025 के तहत जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को सम्मानित पदों से सुशोभित किया गया था।किन्तु, सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ पदाधिकारियों द्वारा स्वेच्छा से पद त्यागने एवं जिम्मेदारी न निभा पाने की सूचना दिए जाने पर, बैठक में सर्वसम्मति से ऐसे पदाधिकारियों को उनके पदों से पृथक करने का निर्णय लिया गया।

बैठक के समापन अवसर पर जिला अध्यक्ष राजाराम जाता ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों एवं समाज सदस्यों का आभार व्यक्त किया।उन्होंने उपस्थित सदस्यों को डायरी एवं पेन भेंटकर सम्मानित किया।

बैठक में प्रमुख रूप से —रामलाल टांडिया (जिला कोषाध्यक्ष), तारकेश्वर प्रसाद (उपकोषाध्यक्ष), विजेंद्र मानिकपुरी (महासचिव), राजू गोयनकर, चंद्रिका प्रसाद, विजेंद्र लाल सोनवानी (उपाध्यक्षगण), दिनेश कावरा (सचिव), उमाशंकर बंटी (युवा समिति अध्यक्ष), मनीलाल (सह सचिव), मायाराम खाडेय, मनराखन कुलदीप (वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य),अनीता पुरी, बिंदुमती मानिकपुरी, रानी देवांगन, बेगमती चिकनजूरी, सुषमा मुंगरी (महिला समिति सदस्य),तथा लालदास महंत (जिला मीडिया प्रभारी) सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

अप्रतिम कोरिया’ की झलक दिखाएगा राज्योत्सव 2025,भव्य तैयारियाँ पूरी, संस्कृति–संवेदना और विकास का संगम बनेगा उत्सव



भजन, सूफी संगीत और पारंपरिक स्वाद से महकेगा उत्सव स्थल

‘अप्रतिम कोरिया’ कॉफी टेबल बुक का होगा लोकार्पण

छायाचित्र प्रदर्शनी में दिखेगी जिले की विकास यात्रा

स्थानीय उत्पाद और बच्चों की प्रस्तुतियाँ बढ़ाएँगी आकर्षण


कोरिया, बैकुंठपुर/जिले का ऐतिहासिक तीन दिवसीय राज्योत्सव–2025 इस बार विशेष आकर्षणों के साथ मनाया जाएगा। आज से 4 नवम्बर तक बैकुंठपुर के मिनी स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी एवं जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी निरंतर स्थल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में जुटे हैं, ताकि उत्सव भव्य और यादगार बन सके।

विकास की 25 वर्षी यात्रा एक मंच पर

राज्योत्सव में वर्ष 2000 से 2025 तक जिले की विकास यात्रा को थीम–लेआउट के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, सिंचाई व पेयजल परियोजनाएँ, पर्यटन, बिजली, सड़क और ग्रामीण ढाँचे की प्रगति की झलक दिखाई जाएगी। जनसंपर्क विभाग द्वारा ‘कोरिया की उपलब्धियों’ पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र होगी।

अप्रतिम कोरिया’ का विमोचन

जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित कॉफी टेबल बुक ‘अप्रतिम कोरिया’ का लोकार्पण राज्योत्सव के मंच से मुख्य अतिथि के हाथों किया जाएगा।

सांस्कृतिक संध्याएँ होंगी यादगार

राज्योत्सव के मंच पर स्कूलों के बच्चों की प्रस्तुतियाँ, भजन–संध्या, सूफी संगीत, लोकनृत्य और लोकगीतों से वातावरण सुर और ताल से गूँज उठेगा।

पारंपरिक स्वाद और स्थानीय उत्पादों की महक

उत्सव स्थल पर कोरिया के पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी आकर्षण का केंद्र होगी। इससे महिला स्व–सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों को आर्थिक लाभ का अवसर मिलेगा।