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वन रक्षक से सहायक वन संरक्षक तक का प्रेरणादायक सफर, बेदाग छवि के साथ सेवानिवृत्त होंगे-अखिलेश मिश्रा


सहायक वन संरक्षक-अखिलेश मिश्रा

कोरिया बैकुंठपुर/कोरिया वन मंडल में अपनी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सादगीपूर्ण कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले सहायक वन संरक्षक अखिलेश मिश्रा  31 मार्च यानि आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनका लंबा सेवाकाल विभाग के लिए एक मिसाल रहा है।

श्री मिश्रा ने अपने करियर की शुरुआत वन रक्षक के पद से की थी। कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया, बल्कि लगातार मेहनत और लगन से पदोन्नति प्राप्त करते हुए सहायक वन संरक्षक के पद तक पहुंचे।उनका पूरा सेवा काल एकदम बेदाग रहा। विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, वन संरक्षण के प्रति समर्पण और अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार उनकी पहचान बन गया। जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और अवैध कटाई पर नियंत्रण के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों को विभाग में हमेशा सराहा गया।

वन्य प्राणियों के लिए जल संरक्षण की पहल

श्री मिश्रा ने वन्य प्राणियों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जंगलों में पानी की कमी को दूर करने के लिए  कई तालाबों का निर्माण कराया। गर्मी के मौसम में इन जल स्रोतों ने वन्यजीवों को राहत दी और मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 चामट पहाड़ में इको-टूरिज्म का विकास

कोरिया वन मंडल अंतर्गत चामट पहाड़  में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने का कार्य भी उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। यहां विकसित की गई सुविधाओं ने न केवल पर्यटकों को आकर्षित किया, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए।

 आनंदपुर नर्सरी व पर्यटक पार्क का निर्माण

आनंदपुर में आधुनिक नर्सरी एवं आकर्षक पार्क का निर्माण कर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा दिया। यह स्थान आज स्थानीय लोगों व पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है, जहां हरियाली के बीच लोग सुकून के पल बिताते हैं।

 वन ग्रामों को जोड़ने के लिए मार्ग निर्माण

दूरस्थ और पहुंच विहीन वन ग्रामों तक सड़क मार्ग का निर्माण कर उन्होंने ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाया। इन मार्गों से वन विभाग की पहुंच भी मजबूत हुई और विकास कार्यों में तेजी आई।

अग्नि सुरक्षा व वन्य प्राणी संरक्षण में सक्रिय भूमिका

वनाग्नि जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए श्री मिश्रा हमेशा तत्पर रहे। समय-समय पर जागरूकता अभियान और सुरक्षा उपायों के जरिए जंगलों को आग से बचाने के साथ वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने अनेक प्रयास किये।वही वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ उन्होंने सख्त रुख अपनाया। उनके नेतृत्व में कई कार्रवाईयां की गईं, जिससे वन क्षेत्र सुरक्षित रहा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिली।

आज श्री मिश्रा सहायक वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं,सहकर्मियों के बीच वे एक सरल, मिलनसार और मार्गदर्शक अधिकारी के रूप में जाने जाते रहे। उन्होंने अपने अनुभवों से कई युवा कर्मचारियों को प्रेरित किया और उन्हें ईमानदारी से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका पूरा सेवाकाल एक प्रेरणा है—जहां उन्होंने वन रक्षक से लेकर सहायक वन संरक्षक तक का सफर ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ तय किया। उनके सेवानिवृत्त होने पर विभाग में भावुक माहौल है। सहकर्मियों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य के साथ उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

“बोल बच्चन न्यूज़” की टीम भी श्री मिश्रा जी के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।