Subscribe Us

This is default featured slide 1 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

This is default featured slide 2 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

This is default featured slide 3 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

This is default featured slide 4 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

This is default featured slide 5 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

“सरकारी अनुदान या निजी कृपा?” स्वास्थ्य मंत्री पर स्वैच्छिक अनुदान की बंदरबांट का आरोप RTI से खुलासा: स्वैच्छिक अनुदान के नाम पर अपात्रों को लाखों, शासन को भारी नुकसान



मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर/RTI कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा ने कलेक्टर को जनदर्शन में सनसनीखेज शिकायत सौंपते हुए छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर शासकीय स्वैच्छिक अनुदान राशि को निजी अनुकंपा फंड की तरह बांटने का गंभीर आरोप लगाया है। मिश्रा का आरोप है कि मंत्री द्वारा अपात्र लोगों, अपने राजनीतिक शुभचिंतकों और करीबी व्यक्तियों को नियमों को ताक पर रखकर अनुदान दिलाया गया, जिससे शासन को लाखों रुपये की सीधी आर्थिक क्षति हुई है।

RTI कार्यकर्ता के अनुसार, स्वैच्छिक अनुदान की राशि का वितरण नियमों के बजाय “सिफारिश तंत्र” के आधार पर किया गया। मंत्री के करीबी लोग स्वयं कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर चेक प्राप्त करते हैं और लाभार्थियों के घर तक पहुंचाते हैं। बदले में उपकृत होने का खेल चलता है। इतना ही नहीं, इस पूरी प्रक्रिया को फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर प्रचारित किया जाता है, जबकि नियम स्पष्ट है कि कोई भी जनप्रतिनिधि या उसका प्रतिनिधि स्वैच्छिक अनुदान राशि वितरित नहीं कर सकता।

RTI कार्यकर्ता श्री मिश्रा का कहना है कि यदि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा अपात्र व्यक्तियों के लिए भुगतान की अनुशंसा नहीं की जाती, तो यह राशि जारी ही नहीं होती। स्पष्ट है कि अनुशंसा ही अनियमित भुगतान की जड़ है और इसी कारण राज्य सरकार का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

RTI के तहत प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए मिश्रा ने आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्वैच्छिक अनुदान वितरण में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मदों में ऐसे लोगों को राशि दी गई जिनका न तो शिक्षा से कोई संबंध है और न ही स्वास्थ्य संकट से। कई अत्यंत वृद्ध और अशिक्षित व्यक्तियों को शिक्षा के नाम पर ₹20-20 हजार दिए गए, जबकि मंत्री के करीबी लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों शीर्षों में ₹20 हजार से ₹25 हजार तक की राशि दिलाई गई।

शिकायत में यह भी चौंकाने वाला खुलासा किया गया है कि ₹1 लाख से अधिक मासिक वेतन पाने वाले एसईसीएल कर्मचारियों को भी स्वैच्छिक अनुदान दिया गया। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में एक ही परिवार के पांच सदस्यों को एक साथ बीमार दर्शाकर प्रत्येक को ₹25-25 हजार की राशि जारी कर दी गई। सवाल यह है कि क्या पूरा परिवार एक साथ बीमार पड़ा या फिर कागजों पर बीमारी का कारोबार चलाया गया?

RTI कार्यकर्ता ने इसे सीधा-सीधा वित्तीय अनियमितता और आपराधिक कृत्य करार देते हुए कहा कि स्वैच्छिक अनुदान कोई मंत्री या जनप्रतिनिधि की जेब से दिया जाने वाला धन नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार का सार्वजनिक धन है। नियमों के अनुसार अनुदान देने से पहले लाभार्थी की पात्रता, उद्देश्य, अधिकतम सीमा और उपयोगिता प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है। इन शर्तों की अनदेखी कर अनुदान देना भारत के संविधान के अनुच्छेद 266(3) का खुला उल्लंघन है।

मिश्रा ने कलेक्टर से मांग की है कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्वैच्छिक अनुदान पाने वाले सभी लाभार्थियों की आधार से उम्र की पुष्टि, अनुदान के उद्देश्य की भौतिक जांच तथा बैंक खातों की विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि यह सामने आ सके कि सरकारी धन का उपयोग वास्तव में किसके लिए और किस उद्देश्य से किया गया।

RTI कार्यकर्ता ने साफ कहा है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होती, तो यह स्वैच्छिक अनुदान नहीं बल्कि शासकीय धन की खुली बंदरबांट का उदाहरण बन जाएगा। अब देखना यह है कि कलेक्टर स्तर पर इस गंभीर शिकायत पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई होती है, या फिर मामला फाइलों में दबा दिया जाता है।





कोरिया पुलिस की अनोखी पहल!नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पटना बाजार सहित विविध स्थलों पर आयोजित हुए यातायात जागरूकता कार्यक्रम

 


कोरिया/बैकुंठपुर-सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के आदेशानुसार,राज्य सरकार के मनसानुरूप कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी एवं पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे के दिशा-निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेश चौबे व उप पुलिस अधीक्षक श्याम मधुकर के मार्गदर्शन में जिले में 01 जनवरी से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है जिसके तहत शनिवार को पं. ज्वाला प्रसाद उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय पटना के छात्रों एवं यातायात पुलिस  टीम द्वारा पटना बाजार के साथ ही विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति के माध्यम से वाहन चालकों एवं आमजन को यातायात नियमों, संकेतों एवं चिन्हों की जानकारी प्रदान की गई । नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने की समझाइश दी गई साथ ही 18 वर्ष से ऊपर की आयु होने पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के बाद वाहन चलाने के लिए कहा गया। यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित जनों को भविष्य में यातायात नियमों का उल्लंघन ना करने के लिए संकल्पित किया गया।

यातायात हवलदार महेश मिश्रा द्वारा यातायात के अनिवार्य, चेतावनी एवं सूचनात्मक चिन्ह की जानकारी के साथ यातायात संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए चौराहा पार करने का नियम, ट्रैफिक सिग्नल लाइट, हाथों के संकेतों के माध्यम से यातायात व्यवस्था का संचालन, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, दो पहिया वाहन में तीन सवारी ना चलना, वाहन चलाते समय मादक द्रव्यों का सेवन ना करना, तेज गति व लापरवाही पूर्वक वाहन ना चलाना, प्रेशर हॉर्न का उपयोग ना करना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, ज़ेब्रा क्रॉसिंग रेलवे क्रॉसिंग, गुड समेरिटन, राहवीर योजना, लाइसेंस बनवाने के नियम, दुर्घटना के कारण, दुर्घटना घटित होने पर चालक के कर्तव्य, सड़क पर वाहन चलाने के सही तरीका, मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराएं व उसमें निर्धारित जुर्माने की राशि से संबंधित जानकारी प्रदान की गई एवं जीवन में यातायात नियमों के पालन करने की शपथ दिलाई गई।

उक्त नुक्कड़ नाटक जागरूकता अभियान के दौरान यातायात प्रभारी बीरबल राजवाड़े, सहायक उप निरीक्षक धनंजय सिंह, प्राचार्य डॉ. शिव शंकर राजवाड़े, सहायक प्राध्यापक डॉ. बरखा सिंह, डॉ. पूनम टोप्पो, सहायक ग्रेड 1 रोहित साहू, प्रयोगशाला तकनीशियन श्रीमती दुर्गा राजवाड़े, आरक्षक राकेश मिश्रा, देव प्रसाद टोप्पो, विश्वनाथ सिंह, शिव साय, हवलदार महेश मिश्रा के साथ महाविद्यालय के छात्र-छात्रा व आमजन काफी संख्या में उपस्थित रहे।

रनई में धर्म, सेवा और सम्मान का संगम, 26 दिसंबर को भव्य हिन्दू सम्मेलन



कोरिया/रनई।गिरजापुर मण्डल के अंतर्गत ग्राम रनई स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में 26 दिसंबर को दोपहर 2 बजे से भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की जिम्मेदारी श्री हनुमान सेवा समिति रनई द्वारा निभाई जा रही है। समिति के अध्यक्ष विकास शुक्ला ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।

सम्मेलन का शुभारंभ हनुमान चालीसा पाठ के साथ होगा। इसके पश्चात पंडित सुयश देव जी महाराज एवं पंडित विक्रम शास्त्री जी महाराज धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता पर अपने उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में समाज सेविका सुनीता कुर्रे, राज्यपाल सम्मानित सेवा निवृत्त शिक्षक राजलाल राजवाड़े तथा मातृ शक्ति समुंद्री राजवाड़े भी सामाजिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त करेंगी।

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता एवं भाईचारे के उद्देश्य से विशाल भोग-भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रवासी सामूहिक रूप से सहभागिता करेंगे।

सेवा भावना से जुड़े लोगों का होगा सम्मान

हिन्दू सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित सम्मान समारोह में मण्डल गिरजापुर (केन्द्र–रनई) के शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारी, मितानिन एवं कोटवारों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

आयोजकों ने क्षेत्र की जनता से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

पशुधन की पहचान और सम्मान का मंच बनेगा जिला स्तरीय पशु मेला

 

फ़ाइल फ़ोटो

कोरिया/बैकुंठपुर।जिले के पशुपालकों के लिए खुशखबरी है। पशुपालन विकास विभाग, कोरिया द्वारा 14 दिसंबर 2025 को ग्राम कसरा स्थित स्कूल प्रांगण में जिला स्तरीय पशु मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें जिलेभर के पशुपालक अपने श्रेष्ठ पशु-पक्षियों के साथ भाग लेंगे।

इस मेले का उद्देश्य न केवल उन्नत नस्ल के पशुओं को प्रोत्साहित करना है, बल्कि पशुपालकों की मेहनत को पहचान और सम्मान देना भी है। प्रदर्शनी में लाए गए पशु-पक्षियों का विशेषज्ञ चयन समिति द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा और उत्कृष्ट पशुधन को पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

मेले के दौरान पशु चिकित्सकों की टीम मौजूद रहेगी, जो पशुपालकों के लिए निःशुल्क पशु उपचार एवं औषधि वितरण की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इससे ग्रामीण पशुपालकों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

पशु मेला सह प्रदर्शनी में कई रोचक प्रतियोगिताएं होंगी

संकर बछिया-बछड़ा, दुग्धारू गाय-भैंस, बैल-भैंसा जोड़ी, सांड, बकरी-बकरा, सूकर के साथ-साथ मुर्गी, बतख एवं अन्य पक्षियों की प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पशु एवं पक्षी पालकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस आयोजन को सफल बनाएं और अपने पशुधन की गुणवत्ता को जिले स्तर पर पहचान दिलाएं।

ग्राम पंचायत में विकास हेतु सरपंच सबसे जिम्मेदार जनप्रतिनिधि - श्रीमती चंदन त्रिपाठी

 आवास, ग्रामीण विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा उपरांत निर्देश जारी

सभी ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव, तकनीकी सहायको की समीक्षा बैठक सम्पन्न

युक्तधारा पोर्टल पर तैयार ग्राम पंचायत डोहड़ा का प्लान प्रस्तुतीकरण



कोरिया /बैकुंठपुर-आज जिला पंचायत मंथन कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी की अगुवाई में हुई इस समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की प्रगति को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव और तकनीकी सहायको से एक साथ योजना की प्रगति पर ग्राम पंचायत वार प्रगति का आंकलन किया गया। इस बैठक में जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी और उप संचालक पंचायत  आशीष सिंह उपस्थित रहे।


ग्राम पंचायत वार प्रगति पर सुधार करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम पंचायत में सरपंच सर्वाधिक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि हैं। शासन ने सभी जनप्रतिनिधियों में केवल आपको राशि आहरण का अधिकार दे रखा है। इसका मतलब है कि आपकी ग्राम विकास में सर्वाधिक जिम्मेदारी है। इसे गंभीरता से लें और प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रत्येक हितग्राही से संपर्क कर आवास बनाने में तेजी लाएं।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा बैठक में शामिल तकनीकी सहायको को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य अनुसार प्रगति के लिए निरंतर ग्राम पंचायत में विजिट करें और प्रत्येक कार्य की गुणवत्ता हेतु निरंतर निगरानी करते रहें। 

इस बैठक में पहले जनपद पंचायत बैकुंठपुर उसके बाद जनपद सोनहत के सभी ग्राम पंचायत में तकनीकी सहायको को आबंटित ग्राम पंचायत वार प्रगति पर समीक्षा की गई। इनमें कुल स्वीकृत आवास, हितग्राहियों को खातों में दी गई प्रथम किस्त, प्लिंथ लेबल पर जियो टैग, दूसरी किस्त के बाद जिओ टैग और पूर्णता तथा उन्हें प्रति स्तर पर मनरेगा के तहत दिए जाने वाले रोजगार दिवस पर चर्चा कर आवश्यक प्रगति के निर्देश दिए गए। 

बैठक के दौरान बैकुंठपुर जनपद की ग्राम पंचायत डोहड़ा का युक्तधारा पोर्टल पर तैयार किया गया मनरेगा का ग्राम पंचायत प्लान प्रस्तुतीकरण किया गया। सीईओ जिला पंचायत ने सभी तकनीकी सहायको को इसी तरह तकनीक के उपयोग से कार्यों के चिन्हांकन के निर्देश दिए। 

कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने बैठक में ग्राम पंचायत वार राज्य विकास प्राधिकरण, पिछड़ा क्षेत्र विकास प्राधिकरण आदि विकास योजनाओं के स्वीकृत और अपूर्ण कार्यों की समीक्षा कर लंबित कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान अपेक्षित कार्य नहीं करने वाले कर्तव्य के प्रति लापरवाह चार ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन रोकने के निर्देश दिए।



बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र में अवैध शिकार का भंडाफोड़: तीन आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने जेल भेजा



कोरिया/बैकुंठपुर-कोरिया वनमंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र बैकुंठपुर के पटना में वन विभाग की सतर्कता से एक बार फिर अवैध शिकारियों के इरादों पर पानी फिर गया। वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ आरोपी जाल लगाकर वन्यप्राणी (सेही) का शिकार कर रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए देवारगढ़ धाम के पास वन विभाग की बीट कटकोना टीम तथा एफ-432 वन खंड टेरई की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी।

टीम ने तीन लोगों—रामलाल (29 वर्ष), देवलाल (32 वर्ष) तथा सुशील कुमार (26 वर्ष)—को शिकार में प्रयुक्त सामान सहित पकड़ लिया। उनके पास से फलटोना, बागड़, धारदार हथियार, जाल, कुंदलाड़ी, हांड़ी, बर्तन तथा सेही मांस के अवशेष बरामद किए गए।

वन विभाग ने तीनों आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-I, धारा 9, 39, 50, 51 तथा बी.एन.एस.एस.सी. धारा 35(3) के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद मामले को वन अपराध क्रमांक 17965/17 के रूप में दर्ज कर न्यायिक दंडाधिकारी, बैकुंठपुर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल बैकुंठपुर भेज दिया।

सफल कार्रवाई में वनकर्मियों की बड़ी भूमिका

इस कार्रवाई में वन परिक्षेत्राधिकारी बैकुंठपुर भगनराम खेस, श्रद्दादेवी पैकरा, मनोज एक्का,दुष्यंत सिंह, राकेश कुमार पांडेय, अमोलसिंह, सुमेश्वर राजवाड़े, भूपेन्द्र कुमार तथा वनमंडलाधिकारी कोरिया एवं उपवनमंडलाधिकारी बैकुंठपुर अखिलेश मिश्रा का विशेष योगदान रहा।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यप्राणी पर अत्याचार, अवैध शिकार या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तत्काल सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

भण्डारपारा में शिक्षकों की मिशाल: बच्चों को मिली सर्दी से राहत, स्वेटर वितरण व न्योता भोज आयोजित




कोरिया/बैकुंठपुर-देश के भविष्य माने जाने वाले बच्चे सभी को सच्चे और अच्छे लगते है लेकिन कड़ाके की ठंड में देश के इस भविष्य को ठिठुरते हुए स्कूल जाना जब किसी को नजर नहीं आता तो ऐसे में विद्यालय के शिक्षकों ने सामाजिक पहल कर इनकी तरफ हाथ बढ़ाया।

           दिसंबर की शीतलहर के असर व कड़ाके की ठंड की मार से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाले सभी जरूरतमंद 75 स्कूली बच्चों की मन की पीड़ा को समझते हुए,उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा का ख्याल करते हुए शाला में उनकी कम होती उपस्थिति की समस्या के समाधान के एक विकल्प के रूप में मा शाला-भण्डारपारा के शिक्षकों ने अपने निजी खर्च के सहयोग से कक्षा 6वीं से 8वीं के प्रत्येक स्कूली बच्चे को सर्दियों से बचाने गर्म कपड़े के रूप में एक नया स्वेटर निशुल्क प्रदान करते हुए शिक्षा के साथ साथ सामाजिक संवेदनशीलता, भागीदारी की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए अपना दायित्व निभाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मु.अतिथि संकुल प्राचार्य  रमाशंकर साहू व सरपंच प्रतिनिधि श्री सुखनंदन मिंज द्वारा देवी मां सरस्वती की छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया गया।शिक्षकों और बच्चों द्वारा अतिथियों का स्वागत बैंड-बाजे,तिलक,पुष्पवर्षा व सुमन, माल्यार्पण से किया गया। बच्चों द्वारा देवी सरस्वती वंदना,स्वागत गीत के साथ सुन्दर व मनमोहक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई।उपस्थित अतिथियों के करकमलों से शाला के प्रत्येक बच्चे को स्वेटर वितरित किए गए।

स्वेटर पाकर बच्चों के चेहरे खुशियों के उत्साह और मुस्कानों की चमक से खिल उठे

तिमाही आंकलन परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और सर्वाधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के रूप में मेडल,कलम,प्रमाण पत्र के साथ मिष्ठान्न खिलाकर पुरस्कृत किया गया तदोपरांत बच्चों, पालकों व उपस्थित ग्रामवासियों ने महिला स्व सहायता समूह द्वारा आयोजित न्योता भोज का आनंद लिया।

अगरवुड' पौधारोपण की व्यवसायिक शिक्षा

         पर्यावरण संरक्षण एवं स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता बढ़ाने,भविष्य के मजबूत उद्यम के रूप में औषधीय गुणों से भरपूर  विशिष्ट सुगंध वाले पूरी दुनिया के सबसे मंहगे पौधे अगरवुड जिसकी प्राकृतिक लकड़ी को वुड ऑफ गॉड और तेल को 'लिक्विड गोल्ड' कहते हैं जिनकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखो रुपए की होती है,पंचायत व यूथ व इको क्लब सदस्यों द्वारा रोपण कर शिक्षकों द्वारा इसकी खेती की पूरी प्रक्रिया की व्यवसायिक शिक्षा दी गई।उक्त सम्पूर्ण कार्यक्रम का मंच संचालन उद्घोषक शिक्षक पंकज कुमार बाजपेयी ने किया।

मु.अतिथि ने अपने संबोधन में इसे विद्यालय व बच्चों के प्रति शिक्षकों का विशेष स्नेह व समर्पण बताया,वहीं सरपंच ने इसे नया दिन की संज्ञा देकर,नेक सोच वाले ऐसे शिक्षकों का मिलना,गांव के लिए सौभाग्य बताया।सी.ए.सी ने शिक्षकों के सार्थक प्रयासों से गांव में शिक्षा की बेहतर बनती तस्वीर की सराहना कर पालकों से बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित कर नियमित शाला भेजने की अपील की। 

SMC सदस्यों,पालकों और ग्रामवासियों ने शिक्षकों के अनवरत नव प्रयासों के प्रति साधुवाद व्यक्त किया,अंत में आभार प्रकट प्र.पाठक  राजेश कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर शाला के शिक्षक श्रीमती अनिता शुक्ला, प्रदीप कुमार साहू, संकुल समन्वयक रंजीत सिंह सहित समस्त स्टाफ,SMC अध्यक्ष  परमजीत,उपाध्यक्ष  झलेश्वर राजवाड़े सहित अभिभावक गण व गणमान्य ग्रामवासी उपस्थित रहे।