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कोरिया में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार — 25 वर्षों में दर्ज हुआ ऐतिहासिक परिवर्तन

 डायलिसिस, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी और ऑक्सीजन प्लांट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध

राज्य का पहला वयोवृद्ध स्वास्थ्य जांच केंद्र कोरिया में संचालित

2 लाख 67 हजार से अधिक नागरिक लाभान्वित, आयुष उपचार से 8 लाख 88 हजार मरीजों को मिला स्वास्थ्य लाभ



कोरिया,बैकुंठपुर/पिछले पचीस वर्षों में कोरिया जिले ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर आधुनिक उपचार सुविधाओं तक, जिले में स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

स्वास्थ्य अधोसंरचना में बड़ा बदलाव

वर्ष 2000 में जहां जिले में सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं थीं, वहीं वर्ष 2025 तक इनकी संख्या और गुणवत्ता दोनों में जबरदस्त सुधार हुआ है।उप स्वास्थ्य केंद्र 82 से बढ़कर 89, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 8 से बढ़कर 11 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 2 से बढ़कर 4 हो गए हैं।जिला अस्पताल की क्षमता भी 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 200 बिस्तरों की गई है।

आज कोरिया जिले में मातृ एवं शिशु अस्पताल, फर्स्ट रेफरल यूनिट, हमर लैब, एनआरसी, वायरोलॉजी लैब, डायलिसिस यूनिट, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, ईको मशीन एवं ऑक्सीजन प्लांट जैसी आधुनिक सेवाएं उपलब्ध हैं।इसके साथ ही राज्य का पहला वयोवृद्ध हेल्थ चेकअप सेंटर भी कोरिया में संचालित है, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित सुविधा के रूप में कार्य कर रहा है।

वर्तमान में जिले में 55 चिकित्सक, 11 विशेषज्ञ डॉक्टर, 97 नर्सिंग स्टाफ, 16 लैब टेक्नीशियन, 93 एएनएम, 78 एमपीडब्ल्यू सहित कुल 10 एम्बुलेंस और 7 मुक्तांजलि वाहन निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

 जनकल्याणकारी योजनाओं से बढ़ा लोगों का भरोसा

स्वास्थ्य विभाग की जनहित योजनाओं के अंतर्गत जिले में अब तक 2,67,244 आयुष्मान भारत कार्ड तथा 7,177 आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनसे हजारों परिवारों को निःशुल्क और सुलभ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

 आयुष विभाग की उल्लेखनीय उपलब्धियां

वर्ष 2000 में जिले में केवल 05 आयुर्वेद औषधालय थे, जो अब बढ़कर 07 हो गए हैं।पहले जहाँ 05 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी और 02 फार्मासिस्ट कार्यरत थे, वहीं अब 07 चिकित्सा अधिकारी और 07 फार्मासिस्ट सेवा दे रहे हैं।जिला अस्पताल बैकुंठपुर में संचालित आयुष विंग में पंचकर्म चिकित्सा जैसे स्नेहन, स्वेदन, कटिबस्ति, जानुबस्ति, अभ्यंग और शिरोधारा जैसी पारंपरिक उपचार विधियाँ लोकप्रिय हो रही हैं।वर्तमान में कोरिया जिले में 07 आयुर्वेद, 04 होम्योपैथी, और 02 यूनानी केंद्र संचालित हैं।इनसे अब तक 8 लाख 88 हजार से अधिक मरीज उपचार लाभ प्राप्त कर चुके हैं।जिले के 07 आयुर्वेद औषधालयों में से 05 को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित किया गया है, जबकि मोबाइल मेडिकल यूनिट (आयुष) के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुँच रही हैं।

मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में स्वास्थ्य और आयुष

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के हर गांव, शहर और विशेषकर सुदूर अंचलों में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सशक्तिकरण एवं आयुष चिकित्सा के विस्तार के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं।निश्चित रूप से इन 25 वर्षों की विकास यात्रा में कोरिया जिला स्वास्थ्य एवं आयुष के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शुमार हो गया है।


अवैध परिवहन पर कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई,खनिज अधिकारी ने कहा तीन वाहन जप्त, आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी




कोरिया,बैकुंठपुर/ कलेक्टर कोरिया के निर्देश पर खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की अवैध खनिज  परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए तीन वाहनों को जप्त किया है। यह कार्यवाहीं तहसील पटना क्षेत्र में की गई।

गश्त के दौरान इन वाहनों को अवैध रूप से गौण खनिज रेत का परिवहन करते पाया गया, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही जब्त कर समीपस्थ  पटना थाना में अभिरक्षा में रखा गया है।


जप्त किए गए वाहनों की जानकारी

सीजी 16 सीएन 5852 मिनी ट्रक वाहन मालिक श्री जगदीश साहू, सीजी 12 ए एन 8294 मिनी ट्रक वाहन मालिक श्री अमरदीप, महिंद्रा सोल्ड श्री सुरेन्द्र कुमार राजवाड़े ट्रैक्टर वाहन इन वाहन मालिकों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 तथा खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

जिला खनिज अधिकारी ने जानकारी दी है कि कलेक्टर के निर्देशन में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई जारी है। खनिज अधिकारी कहा है  कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण एवं कार्रवाई की जाएगी।

कोरिया जिले में सिंचाई क्षमता में ढाई गुना वृद्धि, 25 वर्षों में खेती का चेहरा बदला

 सिंचाई रकबे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, 40 हजार से अधिक किसान ले रहे लाभ




कोरिया बैकुंठपुर/छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष में कोरिया जिले ने सिंचाई के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। पिछले 25 वर्षों में जिले की कुल सिंचित रकबा में ढाई गुना से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में जिले का सिंचित रकबा 18 हजार 13 हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 21 हजार 102 हेक्टेयर तक पहुँच गया है।

यदि सिंचाई प्रतिशत की बात करें तो यह वर्ष 2000 में 13.72 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 34.55 प्रतिशत हो गई है। यह वृद्धि जिले की कृषि व्यवस्था और जल संसाधन प्रबंधन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाती है।

रबी फसलों के सिंचाई रकबे में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2000 में जहाँ मात्र 3 हजार 595 हेक्टेयर में रबी फसलों को सिंचाई सुविधा प्राप्त थी, वहीं अब यह क्षेत्र बढ़कर 5 हजार 469 हेक्टेयर तक पहुँच गया है।

जल संसाधन संभाग, बैकुंठपुर के अनुसार, वर्ष 2000 में जिले में 1 मध्यम और 63 लघु सिंचाई परियोजनाएँ संचालित थीं।वर्तमान में 2025 में यह संख्या 2 मध्यम और 58 लघु परियोजनाओं तक है। इस बीच अविभाजित कोरिया जिले की 43 लघु परियोजनाएँ नवगठित मनेंद्रगढ़ -चिरमिरी-भरतपुर जिले को हस्तांतरित की गई हैं।

वर्ष 2000 में 28 हजार 619 किसान सिंचाई परियोजनाओं से लाभान्वित हो रहे थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 40 हजार 210 तक पहुँच गई है। जिले में वर्तमान में कुल 60 सिंचाई परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनमें से 2 प्रमुख हैं।

यह उपलब्धि न केवल कोरिया जिले की कृषि उत्पादकता में वृद्धि का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और किसानों की जीवनशैली में आए सकारात्मक बदलाव का भी द्योतक है।



तीन दिन में केबल चोरी का खुलासा — पाँच आरोपी गिरफ्तार



कोरिया/चरचा, थाना चरचा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केबल चोरी के मामले का मात्र तीन दिनों में खुलासा कर पाँच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। चोरी की गई केबल की कीमत लगभग 80 हजार रुपये आंकी गई है।

जानकारी के अनुसार दिनांक 15 अक्टूबर 2025 को विवेकानंद कॉलोनी, चरचा निवासी धरमनारायण राजवाड़े ने थाना चरचा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 अक्टूबर की रात 11 बजे से सुबह 6 बजे की शिफ्ट में कार्य के दौरान 56 लेवल पंप के पास रखे लगभग 450 मीटर लंबे केबल तार को अज्ञात चोरों ने काटकर चोरी कर लिया। चोरी की कीमत करीब 70 से 80 हजार रुपये बताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना चरचा में अपराध क्रमांक 201/2025 धारा 331(4), 305(ई) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।



गहन पूछताछ, साक्ष्य एकत्र कर और तकनीकी पहलुओं का उपयोग करते हुए पुलिस ने पाँच संदेहियों — मंगल उर्फ गोलू बसोर (24), पुरुषोत्तम उर्फ गोलर बसोर (21), मोहित बसोर (21), अयोध्या बसोर (19) एवं नितेश बसोर (19), सभी निवासी घुटरी दफाई, चरचा — को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में पाँचों ने केबल चोरी की घटना स्वीकार कर ली। आरोपियों को 17 अक्टूबर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस की कार्रवाई जारी है और फरार अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। आरोपियों ने चोरी की गई केबल को अपने पास रखकर बेचने की योजना कबूल की है।

इस सफलता में पुलिस अधीक्षक कोरिया  रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  पंकज पटेल, एसडीओपी बैकुंठपुर  राजेश साहू के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी चरचा निरीक्षक श्री प्रमोद पांडे के नेतृत्व में टीम ने बेहतरीन काम किया। इस टीम में उपनिरीक्षक अनिल सोनवानी, एएसआई बालकृष्ण राजवाड़े, प्रधान आरक्षक अमित त्रिपाठी, शशि भूषण, बृजेश सिंह, रूप नारायण सिंह, अजय राजवाड़े, मधु प्रसाद राजवाड़े, जय सिंह, राजेन्द्र सिंह, उमेश्वर राजवाड़े, महिला आरक्षक रंजना, सैनिक रविदास, सतीश सिंह, विकास सिंह एवं राजेश टांडे शामिल रहे। थाना चरचा पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चोरी के मामले में बड़ी सफलता मिली है और इससे अपराधियों में पुलिस का खौफ साफ नजर आ रहा है।

राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में राष्ट्रपति के हाथों कोरिया को मिला राष्ट्रीय सम्मान





केंद्रीय जनजातीय मंत्री  जुएल उरांव व केंद्रीय राज्यमंत्री  दुर्गा दास उइके भी रहे उपस्थित


धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी को किया गया सम्मानित



कोरिया, बैकुंठपुर/भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ऑन ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ का आयोजन 17 अक्टूबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया गया।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य को प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान और आदि कर्मयोगी अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम व केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गा दास उइके की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा को सम्मानित किया गया। 

वहीं कोरिया जिले को 'धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान' में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों  कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।

विदित हो कि 'धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत जिले के 154 जनजाति बहुल ग्रामों में लगातार बुनियादी सुविधाओं के साथ उनके समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। यह सम्मान कोरिया जिले में जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार, जनसहभागिता एवं सतत विकास की दिशा में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति का प्रतीक है।

इसके अलावा जिला धमतरी को पीएम-जनमन अभियान में एवं जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को अधोसंरचना विषय पर तथा छत्तीसगढ़ राज्य को स्वास्थ्य एवं पोषण विषय पर प्रस्तुतीकरण देने हेतु चयनित किया गया है।

सूरजपुर में 52 परियों का खेल जोरों पर – प्रशासन की खामोशी पर उठे सवाल



सूरजपुर। जिले में इन दिनों 52 परियों का अवैध जुआं खेल खुलेआम परवान चढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह खेल केवल श्रीनगर थाना क्षेत्र तक ही सीमित नहीं, बल्कि सूरजपुर सिटी कोतवाली क्षेत्र से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक फैला हुआ है। हर रोज़ लाखों–करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन इसी खेल के ज़रिए किया जा रहा है, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ रहा है, बल्कि अपराध को भी अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल रहा है।

जानकारी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। जबकि राज्य सरकार ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि “काला बाज़ारी और अवैध कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”, फिर भी जिले में अंतरराज्यीय जुआं फड़ का संचालित होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की चुप्पी इस अवैध कारोबार को और ताकत दे रही है। सूत्रों का कहना है कि इस खेल में बाहरी राज्यों से भी खिलाड़ी आकर भाग ले रहे हैं, जिससे यह एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है।

आखिर जब सरकार सख्त कार्रवाई की बात कर रही है, तब जिले में इस अवैध जुए के अड्डे कौन चला रहा है और इन्हें संरक्षण कौन दे रहा है? प्रशासन और पुलिस विभाग की चुप्पी से यह संदेह और गहरा हो गया है कि कहीं न कहीं ऊपरी स्तर पर भी मिलीभगत है।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से इस जुआं माफिया पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि जिले में फैल रहे इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके और आम जनता में कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा बहाल हो सके।

बसवाही की जयवती बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल — टमाटर की खुशबू पहुंची महाराष्ट्र तक

 



कोरिया,बैकुंठपुर//मेहनत लगन और आत्मविश्वास अगर साथ हो तो सफलता दूर नहीं रहती।इस बात को कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम बसवाही की श्रीमती जयवती ने सच कर दिखाया है। अपने खेतों में उगाए टमाटर को उन्होंने न केवल आसपास के बाजारों तक पहुंचाया बल्कि अब इनकी पैदावार महाराष्ट्र की रसोई तक अपनी पहचान बना रही है।

जयवती ‘चमेली स्व सहायता समूह’ से जुड़ी हैं। अपने पति श्री गोपाल चेरवा के सहयोग से वे तीन एकड़ भूमि में टमाटर की खेती करती हैं। उनके पति धान की खेती और अन्य कृषि कार्यों में भी बराबरी से हाथ बंटाते हैं। जयवती बताती हैं, “कभी सोचा भी नहीं था कि हमारे गांव में उगाए टमाटर महाराष्ट्र तक जाएंगे, लेकिन अब यह हकीकत है।”

बेहतर पैदावार और लगातार मेहनत से आज उनका टमाटर बिलासपुर, रायपुर से लेकर महाराष्ट्र तक सप्लाई हो रहा है। इस खेती से उनके परिवार को सालाना करीब तीन लाख रुपये की आमदनी होती है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।

जयवती जैसी महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से न केवल अपने परिवार को संबल दे रही हैं, बल्कि ग्रामीण समाज में आत्मनिर्भरता और प्रगति की नई मिसाल भी कायम कर रही हैं।