Subscribe Us

This is default featured slide 1 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

This is default featured slide 2 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

This is default featured slide 3 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

This is default featured slide 4 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

This is default featured slide 5 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

आबकारी ने दो अवैध शराब तस्कर और विक्रेता को न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल

 


कोरिया बैकुंठपुर/कलेक्टर कोरिया श्रीमती राेक्तिमा यादव के निर्देश तथा जिला आबकारी अधिकारी  रमेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन जिले में अवैध मदिरा के तस्करी, परिवहन एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला आबकारी विभाग द्वारा दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए अवैध शराब जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पहली कार्रवाई के दौरान ग्राम रोबो में मध्यप्रदेश से तस्करी कर लाई शराब की बिक्री की सूचना पर छापामार कार्रवाई की गई। आरोपी कृष्णा लक्ष्मी w/o शिव प्रसाद उम्र 50 जाति रजवार निवासी रोबो थाना बैकुंठपुर के रिहायशी मकान से 6 पाव नग विदेशी मदिरा (गोवा व्हिस्की) और जरीकेन में भरी हुई 9 लीटर महुआ शराब जप्त की गई.

आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर  सी जे एम कोर्ट बैकुंठपुर से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया.

चरचा क्षेत्र में मालती बुधराम बरगाह को अवैध रूप से 8 लीटर मदिरा विक्रय करते हुए पकड़ा गया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल बैकुंठपुर भेजा गया.

इन कार्रवाइयों में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती सपना सिन्हा, आबकारी उप निरीक्षक राम सनेही यादव, आरक्षक किशुन, बबुआ, नरेंद्र और हेमन्त का विशेष योगदान रहा।आबकारी विभाग ने बताया कि अवैध शराब विक्रय एवं तस्करी पर नियंत्रण हेतु अभियान निरंतर जारी रहेगा। आमजन से अपील है कि अवैध शराब संबंधी किसी भी सूचना जानकारी या शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 14405, व्हाट्सएप नम्बर 9424102102 और मनपसंद ऐप पर संपर्क करें। 

जिले में बैकुंठपुर में प्रीमियम और तलवापारा दुकान के अलावा पटना,चरचा, पण्डोपारा, सोनहत और जिल्दा में दुकानें संचालित है. इन दुकानों में मैनपावर एजेंसी टीम एच आर जी एस ए प्राइवेट लिमिटेड और सुरक्षा गार्ड फर्स्ट चॉइस फैसिलिटी कंपनी अधिकृत है

नवा तरिया से बदलेगी घुघरा की तस्वीर, जलसंरक्षण के साथ महिलाओं को मिलेगा आजीविका का सहारा

घुघरा में नवीन तालाब निर्माण से ग्रामीणों को रोजगार और सिंचाई की नई सौगात





कोरिया/बैकुंठपुर।कोरिया जिले के वनांचल क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत सोनहत की ग्राम पंचायत घुघरा में “नवा तरिया आय के जरिया” योजना के तहत नवीन तालाब निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण श्रमिकों की सक्रिय सहभागिता से यह कार्य मनरेगा अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जलसंरक्षण के साथ ग्रामीणों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।

ग्राम पंचायत घुघरा को वित्तीय वर्ष 2026 में इस कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। पंचायत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आगामी जून माह के मध्य तक तालाब निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावना है।

ग्रामीण सहभागिता से मिल रही गति’
ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती चंद्रवती गरूण एवं उपसरपंच श्री रामभजन राजवाड़े ने बताया कि वरिष्ठ ग्रामीणों की सलाह और सहमति के बाद उपयुक्त स्थल का चयन किया गया। भूमिपूजन उपरांत बीते सप्ताह से निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। ग्रामीणों का प्रयास है कि बारिश शुरू होने से पहले तालाब निर्माण पूर्ण हो जाए।

’20 लाख की लागत से बन रहा जलसंरक्षण का आधार’
मनरेगा अंतर्गत लगभग 20 लाख रुपए की स्वीकृति इस कार्य के लिए प्रदान की गई है, जिसमें 17 लाख 37 हजार रुपए श्रममूलक मद के अंतर्गत व्यय होंगे। ग्राम पंचायत घुघरा को निर्माण एजेंसी बनाया गया है।

निर्माणाधीन तालाब की लंबाई एवं चौड़ाई लगभग 70×70 मीटर निर्धारित की गई है। कार्य पूर्ण होने पर इसमें लगभग 6300 घनमीटर से अधिक जलभराव क्षमता विकसित होगी। प्रस्तावित 6 हजार 657 मानव दिवसों के विरुद्ध अब तक लगभग 500 मानव दिवस अकुशल श्रम का सृजन किया जा चुका है।

’महिलाओं की आजीविका और मत्स्य उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा’
यह नवीन तालाब आसपास के 16 परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा। इसके माध्यम से लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बहुफसलीय सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। कार्यक्रम अधिकारी श्री प्रतीक ने बताया कि महिलाओं की भागीदारी और आजीविका संवर्धन को ध्यान में रखते हुए कार्य पूर्ण होने के बाद तालाब को स्थानीय महिला समूह को हस्तांतरित किया जाएगा। तालाब में निर्धारित गहराई अनुसार आने वाले वर्षों में लगभग 10 से 15 क्विंटल तक मत्स्य उत्पादन संभव होगा, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।

वन रक्षक से सहायक वन संरक्षक तक का प्रेरणादायक सफर, बेदाग छवि के साथ सेवानिवृत्त होंगे-अखिलेश मिश्रा


सहायक वन संरक्षक-अखिलेश मिश्रा

कोरिया बैकुंठपुर/कोरिया वन मंडल में अपनी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सादगीपूर्ण कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले सहायक वन संरक्षक अखिलेश मिश्रा  31 मार्च यानि आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनका लंबा सेवाकाल विभाग के लिए एक मिसाल रहा है।

श्री मिश्रा ने अपने करियर की शुरुआत वन रक्षक के पद से की थी। कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया, बल्कि लगातार मेहनत और लगन से पदोन्नति प्राप्त करते हुए सहायक वन संरक्षक के पद तक पहुंचे।उनका पूरा सेवा काल एकदम बेदाग रहा। विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, वन संरक्षण के प्रति समर्पण और अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार उनकी पहचान बन गया। जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और अवैध कटाई पर नियंत्रण के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों को विभाग में हमेशा सराहा गया।

वन्य प्राणियों के लिए जल संरक्षण की पहल

श्री मिश्रा ने वन्य प्राणियों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जंगलों में पानी की कमी को दूर करने के लिए  कई तालाबों का निर्माण कराया। गर्मी के मौसम में इन जल स्रोतों ने वन्यजीवों को राहत दी और मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 चामट पहाड़ में इको-टूरिज्म का विकास

कोरिया वन मंडल अंतर्गत चामट पहाड़  में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने का कार्य भी उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। यहां विकसित की गई सुविधाओं ने न केवल पर्यटकों को आकर्षित किया, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए।

 आनंदपुर नर्सरी व पर्यटक पार्क का निर्माण

आनंदपुर में आधुनिक नर्सरी एवं आकर्षक पार्क का निर्माण कर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा दिया। यह स्थान आज स्थानीय लोगों व पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है, जहां हरियाली के बीच लोग सुकून के पल बिताते हैं।

 वन ग्रामों को जोड़ने के लिए मार्ग निर्माण

दूरस्थ और पहुंच विहीन वन ग्रामों तक सड़क मार्ग का निर्माण कर उन्होंने ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाया। इन मार्गों से वन विभाग की पहुंच भी मजबूत हुई और विकास कार्यों में तेजी आई।

अग्नि सुरक्षा व वन्य प्राणी संरक्षण में सक्रिय भूमिका

वनाग्नि जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए श्री मिश्रा हमेशा तत्पर रहे। समय-समय पर जागरूकता अभियान और सुरक्षा उपायों के जरिए जंगलों को आग से बचाने के साथ वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने अनेक प्रयास किये।वही वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ उन्होंने सख्त रुख अपनाया। उनके नेतृत्व में कई कार्रवाईयां की गईं, जिससे वन क्षेत्र सुरक्षित रहा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिली।

आज श्री मिश्रा सहायक वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं,सहकर्मियों के बीच वे एक सरल, मिलनसार और मार्गदर्शक अधिकारी के रूप में जाने जाते रहे। उन्होंने अपने अनुभवों से कई युवा कर्मचारियों को प्रेरित किया और उन्हें ईमानदारी से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका पूरा सेवाकाल एक प्रेरणा है—जहां उन्होंने वन रक्षक से लेकर सहायक वन संरक्षक तक का सफर ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ तय किया। उनके सेवानिवृत्त होने पर विभाग में भावुक माहौल है। सहकर्मियों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य के साथ उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

“बोल बच्चन न्यूज़” की टीम भी श्री मिश्रा जी के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।



“सरकारी अनुदान या निजी कृपा?” स्वास्थ्य मंत्री पर स्वैच्छिक अनुदान की बंदरबांट का आरोप RTI से खुलासा: स्वैच्छिक अनुदान के नाम पर अपात्रों को लाखों, शासन को भारी नुकसान



मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर/RTI कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा ने कलेक्टर को जनदर्शन में सनसनीखेज शिकायत सौंपते हुए छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर शासकीय स्वैच्छिक अनुदान राशि को निजी अनुकंपा फंड की तरह बांटने का गंभीर आरोप लगाया है। मिश्रा का आरोप है कि मंत्री द्वारा अपात्र लोगों, अपने राजनीतिक शुभचिंतकों और करीबी व्यक्तियों को नियमों को ताक पर रखकर अनुदान दिलाया गया, जिससे शासन को लाखों रुपये की सीधी आर्थिक क्षति हुई है।

RTI कार्यकर्ता के अनुसार, स्वैच्छिक अनुदान की राशि का वितरण नियमों के बजाय “सिफारिश तंत्र” के आधार पर किया गया। मंत्री के करीबी लोग स्वयं कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर चेक प्राप्त करते हैं और लाभार्थियों के घर तक पहुंचाते हैं। बदले में उपकृत होने का खेल चलता है। इतना ही नहीं, इस पूरी प्रक्रिया को फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर प्रचारित किया जाता है, जबकि नियम स्पष्ट है कि कोई भी जनप्रतिनिधि या उसका प्रतिनिधि स्वैच्छिक अनुदान राशि वितरित नहीं कर सकता।

RTI कार्यकर्ता श्री मिश्रा का कहना है कि यदि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा अपात्र व्यक्तियों के लिए भुगतान की अनुशंसा नहीं की जाती, तो यह राशि जारी ही नहीं होती। स्पष्ट है कि अनुशंसा ही अनियमित भुगतान की जड़ है और इसी कारण राज्य सरकार का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

RTI के तहत प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए मिश्रा ने आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्वैच्छिक अनुदान वितरण में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मदों में ऐसे लोगों को राशि दी गई जिनका न तो शिक्षा से कोई संबंध है और न ही स्वास्थ्य संकट से। कई अत्यंत वृद्ध और अशिक्षित व्यक्तियों को शिक्षा के नाम पर ₹20-20 हजार दिए गए, जबकि मंत्री के करीबी लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों शीर्षों में ₹20 हजार से ₹25 हजार तक की राशि दिलाई गई।

शिकायत में यह भी चौंकाने वाला खुलासा किया गया है कि ₹1 लाख से अधिक मासिक वेतन पाने वाले एसईसीएल कर्मचारियों को भी स्वैच्छिक अनुदान दिया गया। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में एक ही परिवार के पांच सदस्यों को एक साथ बीमार दर्शाकर प्रत्येक को ₹25-25 हजार की राशि जारी कर दी गई। सवाल यह है कि क्या पूरा परिवार एक साथ बीमार पड़ा या फिर कागजों पर बीमारी का कारोबार चलाया गया?

RTI कार्यकर्ता ने इसे सीधा-सीधा वित्तीय अनियमितता और आपराधिक कृत्य करार देते हुए कहा कि स्वैच्छिक अनुदान कोई मंत्री या जनप्रतिनिधि की जेब से दिया जाने वाला धन नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार का सार्वजनिक धन है। नियमों के अनुसार अनुदान देने से पहले लाभार्थी की पात्रता, उद्देश्य, अधिकतम सीमा और उपयोगिता प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है। इन शर्तों की अनदेखी कर अनुदान देना भारत के संविधान के अनुच्छेद 266(3) का खुला उल्लंघन है।

मिश्रा ने कलेक्टर से मांग की है कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्वैच्छिक अनुदान पाने वाले सभी लाभार्थियों की आधार से उम्र की पुष्टि, अनुदान के उद्देश्य की भौतिक जांच तथा बैंक खातों की विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि यह सामने आ सके कि सरकारी धन का उपयोग वास्तव में किसके लिए और किस उद्देश्य से किया गया।

RTI कार्यकर्ता ने साफ कहा है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होती, तो यह स्वैच्छिक अनुदान नहीं बल्कि शासकीय धन की खुली बंदरबांट का उदाहरण बन जाएगा। अब देखना यह है कि कलेक्टर स्तर पर इस गंभीर शिकायत पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई होती है, या फिर मामला फाइलों में दबा दिया जाता है।





कोरिया पुलिस की अनोखी पहल!नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पटना बाजार सहित विविध स्थलों पर आयोजित हुए यातायात जागरूकता कार्यक्रम

 


कोरिया/बैकुंठपुर-सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के आदेशानुसार,राज्य सरकार के मनसानुरूप कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी एवं पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे के दिशा-निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेश चौबे व उप पुलिस अधीक्षक श्याम मधुकर के मार्गदर्शन में जिले में 01 जनवरी से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है जिसके तहत शनिवार को पं. ज्वाला प्रसाद उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय पटना के छात्रों एवं यातायात पुलिस  टीम द्वारा पटना बाजार के साथ ही विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति के माध्यम से वाहन चालकों एवं आमजन को यातायात नियमों, संकेतों एवं चिन्हों की जानकारी प्रदान की गई । नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने की समझाइश दी गई साथ ही 18 वर्ष से ऊपर की आयु होने पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के बाद वाहन चलाने के लिए कहा गया। यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित जनों को भविष्य में यातायात नियमों का उल्लंघन ना करने के लिए संकल्पित किया गया।

यातायात हवलदार महेश मिश्रा द्वारा यातायात के अनिवार्य, चेतावनी एवं सूचनात्मक चिन्ह की जानकारी के साथ यातायात संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए चौराहा पार करने का नियम, ट्रैफिक सिग्नल लाइट, हाथों के संकेतों के माध्यम से यातायात व्यवस्था का संचालन, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, दो पहिया वाहन में तीन सवारी ना चलना, वाहन चलाते समय मादक द्रव्यों का सेवन ना करना, तेज गति व लापरवाही पूर्वक वाहन ना चलाना, प्रेशर हॉर्न का उपयोग ना करना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, ज़ेब्रा क्रॉसिंग रेलवे क्रॉसिंग, गुड समेरिटन, राहवीर योजना, लाइसेंस बनवाने के नियम, दुर्घटना के कारण, दुर्घटना घटित होने पर चालक के कर्तव्य, सड़क पर वाहन चलाने के सही तरीका, मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराएं व उसमें निर्धारित जुर्माने की राशि से संबंधित जानकारी प्रदान की गई एवं जीवन में यातायात नियमों के पालन करने की शपथ दिलाई गई।

उक्त नुक्कड़ नाटक जागरूकता अभियान के दौरान यातायात प्रभारी बीरबल राजवाड़े, सहायक उप निरीक्षक धनंजय सिंह, प्राचार्य डॉ. शिव शंकर राजवाड़े, सहायक प्राध्यापक डॉ. बरखा सिंह, डॉ. पूनम टोप्पो, सहायक ग्रेड 1 रोहित साहू, प्रयोगशाला तकनीशियन श्रीमती दुर्गा राजवाड़े, आरक्षक राकेश मिश्रा, देव प्रसाद टोप्पो, विश्वनाथ सिंह, शिव साय, हवलदार महेश मिश्रा के साथ महाविद्यालय के छात्र-छात्रा व आमजन काफी संख्या में उपस्थित रहे।

रनई में धर्म, सेवा और सम्मान का संगम, 26 दिसंबर को भव्य हिन्दू सम्मेलन



कोरिया/रनई।गिरजापुर मण्डल के अंतर्गत ग्राम रनई स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में 26 दिसंबर को दोपहर 2 बजे से भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की जिम्मेदारी श्री हनुमान सेवा समिति रनई द्वारा निभाई जा रही है। समिति के अध्यक्ष विकास शुक्ला ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।

सम्मेलन का शुभारंभ हनुमान चालीसा पाठ के साथ होगा। इसके पश्चात पंडित सुयश देव जी महाराज एवं पंडित विक्रम शास्त्री जी महाराज धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता पर अपने उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में समाज सेविका सुनीता कुर्रे, राज्यपाल सम्मानित सेवा निवृत्त शिक्षक राजलाल राजवाड़े तथा मातृ शक्ति समुंद्री राजवाड़े भी सामाजिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त करेंगी।

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता एवं भाईचारे के उद्देश्य से विशाल भोग-भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रवासी सामूहिक रूप से सहभागिता करेंगे।

सेवा भावना से जुड़े लोगों का होगा सम्मान

हिन्दू सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित सम्मान समारोह में मण्डल गिरजापुर (केन्द्र–रनई) के शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारी, मितानिन एवं कोटवारों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

आयोजकों ने क्षेत्र की जनता से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

पशुधन की पहचान और सम्मान का मंच बनेगा जिला स्तरीय पशु मेला

 

फ़ाइल फ़ोटो

कोरिया/बैकुंठपुर।जिले के पशुपालकों के लिए खुशखबरी है। पशुपालन विकास विभाग, कोरिया द्वारा 14 दिसंबर 2025 को ग्राम कसरा स्थित स्कूल प्रांगण में जिला स्तरीय पशु मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें जिलेभर के पशुपालक अपने श्रेष्ठ पशु-पक्षियों के साथ भाग लेंगे।

इस मेले का उद्देश्य न केवल उन्नत नस्ल के पशुओं को प्रोत्साहित करना है, बल्कि पशुपालकों की मेहनत को पहचान और सम्मान देना भी है। प्रदर्शनी में लाए गए पशु-पक्षियों का विशेषज्ञ चयन समिति द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा और उत्कृष्ट पशुधन को पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

मेले के दौरान पशु चिकित्सकों की टीम मौजूद रहेगी, जो पशुपालकों के लिए निःशुल्क पशु उपचार एवं औषधि वितरण की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इससे ग्रामीण पशुपालकों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

पशु मेला सह प्रदर्शनी में कई रोचक प्रतियोगिताएं होंगी

संकर बछिया-बछड़ा, दुग्धारू गाय-भैंस, बैल-भैंसा जोड़ी, सांड, बकरी-बकरा, सूकर के साथ-साथ मुर्गी, बतख एवं अन्य पक्षियों की प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पशु एवं पक्षी पालकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस आयोजन को सफल बनाएं और अपने पशुधन की गुणवत्ता को जिले स्तर पर पहचान दिलाएं।