बैकुंठपुर में हर्षाेल्लास से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस साइबर अपराध के खिलाफ कोरिया में जागृति अभियान की शुरुआत दो साल से पाइपलाइन तैयार, फिर भी नलों में पानी का इंतजार

बैकुंठपुर हैचरी को लेकर विरोध तेज, लेकिन शासन का निर्णय – बंद होने से राजस्व व हितग्राहियों को भारी नुकसान


शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र बैकुंठपुर

कोरिया,छत्तीसगढ़ी/बैकुंठपुर नगर के बीच स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र (हैचरी) को पुनः शुरू करने की अनुमति सरकार ने प्रदान कर दी है। हाल ही में भारत सरकार और राज्य पशु चिकित्सा सेवाओं ने रायगढ़ और कोरिया जिले के पोल्ट्री फार्म को Highly Pathogenic Avian Influenza (बर्ड फ्लू) से मुक्त घोषित करते हुए Restocking की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी किया।

स्थानीय स्तर पर विरोध

हालाँकि, इस निर्णय का कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विरोध किया है। उनका तर्क है कि हैचरी शहर के बीच बसी हुई है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। इसलिए इसे नगर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की जा रही है।

विभागीय पक्ष और वास्तविकता

वहीं, पशु चिकित्सा विभाग का कहना है कि हैचरी को लंबे समय से संचालित किया जा रहा है और यहाँ से अब तक किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य संकट सामने नहीं आया। विशेषज्ञों द्वारा निगरानी और सख्त जैव सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाता है।

इसके अलावा, यदि हैचरी को बंद कर दिया गया तो शासन को प्रतिवर्ष लाखों रुपये का राजस्व नुकसान होगा। इसके अलावा जिले व जिले से बाहर के लाभान्वित होने वाले सैकड़ों किसान, बेरोजगार युवा और छोटे व्यवसायी प्रभावित होंगे। वहीं चूजों और अंडों की स्थानीय आपूर्ति रुक जाएगी, जिससे बाजार व्यवस्था और कीमतों पर असर पड़ेगा।

शासन का स्पष्ट निर्देश

21 जुलाई 2025 को भारत सरकार के आदेश और 22 जुलाई व 14 अगस्त 2025 को राज्य सरकार के पत्रों में साफ तौर पर कहा गया है कि रायगढ़ और कोरिया के पोल्ट्री फार्म बर्ड फ्लू से पूरी तरह मुक्त हैं। यहाँ Restocking की प्रक्रिया जारी रहेगी। हैचरी संचालन पर किसी प्रकार की रोक नहीं है।

किसानों और हितग्राहियों की राय

स्थानीय किसानों का कहना है कि हैचरी उनके लिए रोजगार और आय का महत्वपूर्ण साधन है। यदि यह बंद हो जाती है तो उन्हें बाहर से महंगे दामों पर चूजे और अंडे मंगवाने पड़ेंगे, जिससे उनकी लागत बढ़ जाएगी और मुनाफा घटेगा।

हालांकि कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का विरोध अपनी जगह जायज है, लेकिन जब तक हैचरी के लिए उपयुक्त वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक किसानों और हितग्राहियों के हित में इसका संचालन सुचारू रूप से जारी रहना आवश्यक है।

विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों की आशंका को दूर करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों को और सख्ती से लागू किया जा सकता है, लेकिन हैचरी बंद करना समाधान नहीं है। यह केंद्र न केवल राजस्व का स्रोत है बल्कि जिले के हजारों हितग्राहियों की आजीविका से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए हैचरी का संचालन जारी रहना आवश्यक है।


जिला स्तरीय आधार कार्ड समस्या निवारण शिविर का आयोजन




कोरिया/जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज जिला मुख्यालय पर मानस भवन में जिला स्तरीय आधार कार्ड समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले भर से हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिनमें वृद्धजन, दिव्यांगजन और स्कूली बच्चे विशेष रूप से शामिल थे। यूआईडीएआई के विशेषज्ञों की उपस्थिति में आयोजित इस शिविर में आधार से संबंधित बायोमेट्रिक मिसमैचिंग, मल्टीपल रीजेक्शन के प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। साथ ही, आधार कार्ड बनवाने में आ रही विभिन्न समस्याओं का समाधान भी किया गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को आधार कार्ड से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की। शिविर का उद्देश्य आधार कार्ड से संबंधित समस्याओं का तुरंत समाधान कर जनता को राहत पहुंचाना रहा। 
 प्रशासन का कहना है कि ऐसे शिविरों का आयोजन भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि नागरिकों को आधार से जुड़ी सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से मिल सकें।

आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक

बैठक में कलेक्टर 



बोल बच्चन न्यूज़

कोरिया,बैकुंठपुर/ कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। इस बैठक में आदि कर्मयोगी अभियान क्रमबद्ध समीक्षा की,  साथ ही सफल आयोजन के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए।आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण 18 से 21 अगस्त तक किया गया, इसके पश्चात् जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों द्वारा विकासखंड मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण 01 से 03 सितंबर तक आयोजित किया गया।  प्रशिक्षित विकासखंड मास्टर ट्रेनर क्लस्टर में कार्य करेंगे।   जिले में चयनित 154 ग्रामों को 21 क्लस्टर में विभाजित किया गया है, जिनमें बैकुंठपुर विकासखंड के 19 और सोनहत विकासखंड के 2 क्लस्टर शामिल हैं। इन क्लस्टरों का प्रशिक्षण 9 से 14 सितंबर के बीच आयोजित किया जाएगा।   कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने बैठक में कहा कि यह अभियान सभी विभागों का है, और इसमें सभी को सक्रियता से भाग लेनी चाहिए। उन्होंने वॉलेंटियर बनाने पर बल देते हुए कहा कि ग्राउंड लेवल पर महिलाओं को इसमें शामिल किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 10 सितंबर तक वॉलेंटियर की लिस्ट तैयार कर ली जाए। इस अभियान के सफल संचालन के लिए गांव के लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रचार-प्रसार को व्यापक रूप से किया जाए।   

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि यह सेवा का संकल्प और समर्पण से काम करने का अभियान है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में अधिकारी कर्मचारी सभी की भूमिका अहम है। जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर के ट्रेनर अपनी उपयोगिता निभाएंगे। ग्राम स्तर के ट्रेनर अपने ग्राम में वॉलेंटियर के साथ भ्रमण कर समस्याओं का अवलोकन करेंगे और विलेज डेवलेपमेंट प्लान बनाकर ग्राम सभा अनुमोदन के पश्चात ब्लॉक स्तर मास्टर ट्रेनर के समक्ष 17 से 23 सितंबर प्रेषित किया जाएगा। इसके बाद, ब्लॉक स्तर के मास्टर ट्रेनर इसे 24 से 25 सितंबर तक जांच कर जिला स्तर पर प्रेषित करेंगे। हमें इस अभियान को 100 प्रतिशत सेचुरेशन मोड में संचालित करना है।   गैर सरकारी संस्थाओं का इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका है, जो विलेज डेवलेपमेंट प्लान बनाने में ग्राम वॉलेंटियर का सहयोग करेंगे।   इस बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, दोनों जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अन्य जिला अधिकारी और जिले के मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे।

कोरिया पुलिस ने सुलझाई निर्मम हत्या की गुत्थी सास की सेवा विवाद से उपजा षड्यंत्र, महिला आरोपी गिरफ्तार

 

आरोपी महिला

बैकुंठपुर/कोरिया जिले की बैकुण्ठपुर पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पारिवारिक विवाद और बुजुर्ग सास की सेवा-सुश्रूषा के झगड़े ने अंततः हत्या जैसी जघन्य वारदात को जन्म दिया।

घटना का खुलासा

1 सितंबर 2025 को बैकुण्ठपुर निवासी पार्वती साहू (19 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना उसके पति अनुज साहू ने थाने में दी। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।

पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन, एएसपी पंकज पटेल और एसडीओपी राजेश साहू के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण, आसपास के सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और पीएम रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।

विवाद की जड़

जांच से पता चला कि मृतिका के पिता सूरज लाल साहू ने जीवनकाल में अपने भतीजे चन्द्रप्रकाश साहू और उसकी पत्नी अनीता साहू को सेवा-सुश्रूषा के बदले दो एकड़ भूमि दी थी। पिता की मृत्यु के बाद परिवार में विवाद गहराता चला गया।

परिवार की बुजुर्ग सदस्य सुखमन साहू (बड़ी सास) अपने भरण-पोषण और देखरेख के लिए मृतिका पार्वती पर ज्यादा विश्वास करती थीं। इससे आरोपी अनीता साहू नाराज रहती थी और इसी तनाव ने हत्या का रूप ले लिया।

वारदात कैसे हुई?

1 सितंबर को दोपहर करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच जब पार्वती अपने कक्ष में विश्राम कर रही थी, तभी आरोपी महिला अनीता साहू (36 वर्ष) ने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

इसकी पुष्टि होने पर थाना बैकुण्ठपुर में अपराध क्रमांक 306/2025 धारा 103(1), 332(ए) भारतीय न्याय संहिता अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

आरोपी गिरफ्तार

विशेष टीम ने 8 सितंबर 2025 को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया।

पुलिस टीम की सराहना

इस मामले के सफल खुलासे में निरीक्षक विपिन लकड़ा, निरीक्षक शीतल सिदार, उपनिरीक्षक जयालक्ष्मी, प्रधान आरक्षक दीपक पाण्डेय, महिला आरक्षक किरण पैकरा और पूर्णिमा सिदार की अहम भूमिका रही।

एसपी रवि कुमार कुर्रे ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि,

“यह बैकुण्ठपुर पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि है। मामले का त्वरित खुलासा कर आरोपी को जेल भेजा गया, जिससे न्याय की उम्मीद रखने वाले परिवार को राहत मिली है।”

🚦 प्रदेश का गौरव बने ट्रैफिक मैन महेश मिश्रा, स्वास्थ्य मंत्री सहित जनप्रतिनिधियों ने घर पहुंचकर किया सम्मान, राष्ट्रपति पदक मिलने पर उमड़ा बधाइयों का सैलाब

स्वास्थ्य मंत्री

कोरिया/बैकुंठपुर

समाज सेवा, जनहित और जीवन रक्षा के कार्यों को अपना जीवन समर्पित कर देने वाले ट्रैफिक मैन के नाम से मशहूर हवलदार डॉ. महेश मिश्रा को प्रदेश के मुख्यमंत्री के हाथों स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति का गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा पदक प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि पर प्रदेशभर में खुशी की लहर है और लगातार लोग उनके घर पहुंचकर बधाई एवं सम्मान दे रहे हैं।


सोमवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ग्राम उनके गृह ग्राम खैरी पहुंचे और डॉ. मिश्रा को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा—

महेश मिश्रा अद्वितीय प्रतिभा के धनी हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा और त्याग हम सबके लिए प्रेरणा है। ऐसे कर्मचारियों पर हम सबको गर्व है। जब आपके जिले में ऐसे लोग हों तो प्रदेश का नाम स्वतः रोशन होता है और जनता का विश्वास और बढ़ता है।”


कोरिया जिला प्रभारी


भाजपा उपाध्यक्ष भी पहुंचे, बताया सच्चा देशभक्त


इससे पूर्व गत रविवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कोरिया जिला प्रभारी प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी डॉ. मिश्रा के घर पहुंचे थे। उन्होंने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि मिश्रा सच्चे अर्थों में देशभक्त और समाजसेवी हैं, जिन्होंने अपने कार्यों से जनमानस का दिल जीता है।


दो दशकों से लगातार सेवा, सैकड़ों जानें बचाईं


डॉ. महेश मिश्रा पिछले दो दशकों से निरंतर जनजागरूकता और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के साथ ही उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाने का पुनीत कार्य किया है। उनकी इसी समर्पित सेवा का परिणाम है कि उन्हें राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया।



बधाइयों का तांता


राष्ट्रपति पदक प्राप्त करने के बाद मिश्रा के घर बधाइयों और सम्मान देने वालों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्र के विधायक भईया लाल राजवाड़े, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे, पूर्व विधायक अंबिका सिंहदेव, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल, जनप्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, गणमान्य नागरिक और मित्र लगातार उनके घर पहुंचकर शुभकामनाएँ दे रहे हैं।


जनमानस के नायक बने


इतने बड़े पैमाने पर लोगों का उनके घर जाकर सम्मान करना इस बात का प्रमाण है कि डॉ. महेश मिश्रा ने अपने कार्यों से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया है। आज पूरा छत्तीसगढ़ प्रदेश और विशेषकर कोरिया जिला उनके इस सम्मान से गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

जनचौपाल लगाकर प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों से हो रहा प्रतिदिन संवाद




आवास निर्माण कार्य में गति व गुणवत्ता के लिए जिला प्रशासन की नई पहल


कोरिया,बैकुंठपुर/वंचित वर्ग को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए केद्र एवं राज्य सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का कोरिया जिले में निरंतर तेज गति से क्रियान्वयन हो रहा है। इस योजना को और ज्यादा अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में पूरे जिले में हितग्राहियों के बीच प्रतिदिन जनचौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत ग्राम पंचायतों में तकनीकी सहायकों की टीम प्रतिदिन प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण कर रही है। इस पहल का अच्छा प्रतिसाद देखने को मिल रहा है। बीते एक सप्ताह में जनचौपाल से आवास निर्माण कार्यों में बेहद कारगर प्रगति देखने को मिल रही है। 


लक्ष्य और आंकड़े

      कोरिया जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 11 हजार से ज्यादा आवास बनाए जाने हैं जिनमें से 9 हजार 465 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और 2030 आवास के हितग्राहियों के पंजीयन की कार्यवाही प्रचलन में है। स्वीकृत किए जा चुके आवासों में से अब तक 4 हजार परिवारों के पक्के आवास पूर्ण हो चुके हैं और अब केवल 5 हजार 588 प्रगतिरत आवासों को पूर्ण किया जाना शेष है। 


जनचौपाल में संवाद

      बीते 3 सितम्बर से प्रतिदिन जिले के चिन्हित ग्राम पंचायतों में तकनीकी सहायकों द्वारा प्रतिदिन जनचौपाल लगाई जा रही है। इसमें ग्राम पंचायत के सभी ऐसे हितग्राहियों को शामिल किया जा रहा है जिनके आवास अभी पूर्ण नहीं हुए हैं। बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत कुल 9 तकनीकी सहायकों को रोस्टर बनाकर जनचौपाल लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत कुल 6 तकनीकी सहायकों को तिथिवार जनचौपाल आयोजित किए जाने के लिए नियुक्त किया गया है। आगामी 20 सितंबर तक पूरे जिले की ग्राम पंचायतों को कवर कर लिया जाएगा। 


सीईओ जिला पंचायत कोरिया

         इस संबंध में जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सितंबर माह में अधिकाधिक आवास पूर्ण करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में हितग्राहियों के बीच चौपाल लगाकर संवाद किया जा रहा है। इससे हितग्राहियों को संसाधन जुटाने में मदद मिल रही है और तकनीकी टीम के द्वारा निर्माण कार्यों की सतत निगरानी भी हो पा रही है। 


कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी 

     कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी सलाह और संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जनचौपाल कार्यक्रम आरंभ किया गया है और आपसी संवाद से हर समस्या का निराकरण करते हुए कोरिया जिले में लक्ष्य के अनुरूप स्वीकृत आवासों को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

कृषि, वेटनरी एवं मत्स्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक संपन्न



कोरिया,छत्तीसगढ़/कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में कृषि, पशुचिकित्सा और मत्स्य विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।  

बैठक में कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने विभागवार पिछले वर्ष की तुलनात्मक समीक्षा की। कृषि विभाग के विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 5518.60 क्विंटल बीज का भंडारण किया जा चुका है, जिसमें से 5518.60 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया गया है। यह कुल भंडारण का लगभग 100 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्राप्त विभागीय जानकारी के अनुसार दलहन के फसल वर्ष 2024 में 9194 हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2025 में 9690 हेक्टेयर हुआ है। वहीं तिलहन के रकबा 2024 में 1874 हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2025 में 2230 हेक्टेयर हुआ है। जिसमें मुंगफली, तिल, रामतील आदि फसल शामिल है। 
उन्होनें कहा कि  पिछले प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए बीज भंडारण, खाद्य वितरण, कीट नियंत्रण, फसल बीमा और किसान रजिस्ट्रेशन जैसे कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्राम सेवकों, तहसीलदार और पटवारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का निर्देश दिये साथ ही  विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार और पशु वैक्सीनेशन का टारगेट तथा मत्स्य विभाग को योजनाओं को जनता तक पहुंचाएं और छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित कर जानकारी फैलाएं।  धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चयनित 154 ग्रामों में गतिविधियों में भागीदारी का भी आह्वान किया।  

समीक्षा बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर  डी.डी. मांडवी, उपसंचालक कृषि, उपसंचालक पशु सेवाएं, सहायक मत्स्य अधिकारी और अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।