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बैकुंठपुर हेचरी को लेकर शासन का बड़ा फैसला — Restocking की प्रक्रिया जारी रहेगी, स्थानांतरण पर भी चल रहा विचार



कोरिया।बैकुंठपुर नगर के मध्य स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र (हेचरी) को लेकर पिछले कुछ समय से उठ रहे विवाद के बीच अब शासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। भारत सरकार द्वारा कोरिया जिले को बर्ड फ्लू मुक्त घोषित करने के बाद राज्य शासन ने हैचरी को पुनः शुरू करने और Restocking की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से आरंभ करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के विरोध को देखते हुए हेचरी को नगर से बाहर स्थानांतरित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

बता दे कि पशु चिकित्सा सेवायें द्वारा 12 सितंबर को जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि बैकुंठपुर हेचरी लंबे समय से संचालित हो रही है और अब तक इससे कोई भी स्वास्थ्य संकट सामने नहीं आया है। विभाग ने बताया कि फार्म में भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार जैव सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है। नालियों और सीवेज की समुचित निकासी, स्वच्छता व्यवस्था और सेनेटाइजेशन की व्यवस्था विभाग द्वारा नियमित रूप से की जाती है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि हेचरी बंद रहने से शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। इसके साथ ही जिले के किसानों, हितग्राहियों, बेरोजगार युवाओं और मजदूरों को भी भारी आर्थिक क्षति होगी। विभाग का स्पष्ट मत है कि जब तक नई जगह पर स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वर्तमान हैचरी से ही संचालन जारी रखा जाना हितकारी होगा।

जनप्रतिनिधियों का विरोध और शासन का जवाब

 गौरतलब है कि, कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हेचरी नगर के बीच स्थित होने के कारण स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी खतरे की आशंका जताते हुए इसे नगर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है। शासन ने इस विरोध को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि जनप्रतिनिधियों की आशंकाओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा रहा। इसके लिए नगर के बाहर उपयुक्त भूमि की पहचान की जा रही है, जहाँ एक नई आधुनिक हैचरी स्थापित की जाएगी। प्रस्तावित स्थान के लिए लगभग 15 एकड़ भूमि की आवश्यकता और करीब 25 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान विभाग द्वारा लगाया गया है।

बर्ड फ्लू से मुक्ति के बाद Restocking की अनुमति

भारत सरकार ने 21 जुलाई 2025 को कोरिया  जिले को Highly Pathogenic Avian Influenza से मुक्त घोषित किया था। इसके बाद राज्य शासन ने 22 जुलाई और 14 अगस्त 2025 को पत्र जारी कर Restocking की अनुमति दी। विभाग ने स्पष्ट किया कि हेचरी संचालन पर कोई प्रतिबंध नहीं है और यह प्रक्रिया योजना के अनुसार जारी रहेगी। यह निर्णय स्थानीय बाजार में चूजों और अंडों की आपूर्ति को बनाए रखने और किसानों को राहत देने के लिए भी अहम है।

मजदूरों की आजीविका पर संकट

हेचरी के संचालन पर रोक से न केवल शासन को राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि यहाँ कार्यरत मजदूरों की आजीविका पर भी संकट मंडरा गया है। मजदूरों ने हाल ही में कलेक्टर कोरिया को ज्ञापन सौंपकर अपनी परेशानी जाहिर की। उनका कहना है कि अचानक हेचरी बंद होने से उनकी आमदनी रुक गई है, जिससे परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की है।

विगत सात माह से बंद पड़ी हेचरी आख़िर कब से होगा शुरू

विभाग ने जनप्रतिनिधियों, किसानों और मजदूरों — से सहयोग की अपील की है। विभाग का कहना है कि जब तक नई जगह का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान हैचरी से ही Restocking और संचालन जारी रखा जाएगा ताकि किसानों, हितग्राहियों और मजदूरों की आजीविका प्रभावित न हो। साथ ही सुरक्षा मानकों को और अधिक कड़ाई से लागू किया जाएगा ताकि जनप्रतिनिधियों की आशंकाएं भी दूर हों। लेकिन सवाल यह कि आखिर महीनों से बंद पड़े हेचरी से किसानों को चूजे कब तक मिलना प्रारम्भ हो पायेगा इस बात को लेकर भी नगर में चर्चाओं का दौर जारी है।




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