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डिप्टी डायरेक्टर की हठधर्मिता,मानदेय भुगतान में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी का आरोप ? फिर भी खुद को पाकसाफ दिखाने जांच समिति के नाम जोर आजमाइश की कोशिश

 


बैैकुंठपुर,कोरिया/कोरिया जिले के पशु पालन विभाग में  पदस्थ डिप्टी डायरेक्टर डॉ विभा सिंह बघेल अपने विभागीय दायित्वों के निर्वहन को लेकर खासे चर्चे में है। उनके जिला कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों ने उनके नाक के नीचे या यूं कहें कि उनके मौन स्वीकृति से एक बार फिर विभाग को कटघरे में ला खड़ा कर दिया।खैर कोरिया के पशुपालन विभाग में यह कोई नया मामला नही है, पूर्व में भी दवा खरीदी सहित कार्यालय मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये की अनियमितता की बाते अखबारों की सुर्खियों बनी रही। 

ताजा मामला सीधे उप संचालक के कार्यालय से जुड़ा है,जहां एक  PAIW कार्यकर्ता ने मानदेय भुगतान को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अक्टूबर 2022 से अब तक का 23 लाख 7 हज़ार 850 रुपये का मानदेय उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि इस अवधि में वे लगातार कार्य कर रहे हैं।पीड़ित का आरोप है कि विभागीय स्तर पर उनके मानदेय की राशि को रोके जाने एव भुगतान करने के एवज में  रिश्वत की मांग की गई। शिकायत पत्र के अनुसार, उनसे 1 लाख 18 हज़ार रुपये की मांग की गई और उन्होंने कार्यालय में पदस्थ एक बाबू के कहने पर उक्त रिश्वत की राशि कार्यालय में ही पदस्थ एक अन्य कर्मचारी के फोनपे में किस्तो में एक लाख से अधिक की राशि किस्तो में ट्रांसफर किया।यही नही इस संबंध में पीड़ित ने उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं बैकुंठपुर से लेकर संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं रायपुर तक आवेदन दिया है, लेकिन अब तक किसी भी स्तर से समाधान नहीं हुआ।

शिकायत के बाद रिश्वत की राशि लौटाई गई


शिकायतकर्ता विकास कुमार साहू ने कलेक्टर कोरिया के  जनदर्शन सहित विभाग में इसकी शिकायत की तब रिश्वत की रकम उन्हें वापस लौटा दी गई।इस पूरे घटनाक्रम में एक बात तो तय माना जा सकता है कि डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी रिश्वत लेने में किस कदर हावी है।इस पूरे मामले में रिश्वत लेने और रिश्वत की राशि को वापस किये जाने के उपरांत भी डिप्टी डायरेक्टर को चाहिए था कि पूरे रिश्वत लेने और वापस करने में संलिप्त दोषियों कार्रवाई करने की बजाए एक ईमानदार मानदेय में कार्यरत व्यक्ति के शिकायतों की जांच के लिए समिति गठित की जा रही है,ताकि शिकायत कर्ता द्वारा किये गए शिकायत को जाँच विभागीय जाँच समिति के रिपोर्ट अनुसार उसे  झुठलाया जा सके।

कोरिया में अवैध नशीली दवाओं के कारोबार पर पुलिस-औषधि विभाग ने की कार्रवाई

 

मुखबिर की सूचना पर रंगे हाथ पकड़ा आरोपी



कोरिया,बैकुंठपुर/राज्य शासन के निर्देश एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में अवैध औषधि कारोबार पर नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी और जांच जारी है। इसी कड़ी में पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रियांसु साहू उर्फ छोटू (20 वर्ष) को रंगेहाथ पकड़ लिया।


जाँच के दौरान आरोपी के कब्जे से कुल 28 नग नशीले इंजेक्शन (बुप्रेनोर्फिन एवं फेनिरामाइन मेलेटेट) बरामद किए गए, जिनकी बाजार कीमत लगभग 7000 रुपए आंकी गई। आरोपी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। उसे धारा 22(ब) एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अवैध औषधियों और नशीले पदार्थों के प्रयोग और खरीद-फरोख्त से दूर रहें। किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत औषधि विभाग या पुलिस को दें।

सांसद महंत ने किया हवलदार डॉ. महेश मिश्रा का सम्मान


जनसेवा और जीवन रक्षा कार्यों को बताया अनुकरणीय


कोरिया,बैकुंठपुर
/सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत बुधवार को ग्राम खैरी पहुंचीं, जहां उन्होंने नगर सेना हवलदार एवं ट्रैफिक मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉ. महेश मिश्रा को सम्मानित किया। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति द्वारा गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा पदक से नवाजे जाने पर सांसद महंत ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मिश्रा जी ने “तन समर्पित, मन समर्पित, जीवन समर्पित समाज सेवा के नाम” की भावना को साकार कर दिखाया है।

सांसद महंत ने कहा कि डॉ. मिश्रा जैसे समर्पित कर्मियों पर हम सबको गर्व है। उनके प्रयासों से न केवल प्रदेश और देश का मान बढ़ता है बल्कि आम नागरिकों में जीवन रक्षा जैसे पुण्य कार्यों के प्रति सकारात्मक संदेश भी जाता है।

गौरतलब है कि हवलदार डॉ. महेश मिश्रा पिछले दो दशकों से लगातार जनजागरूकता और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अब तक सैकड़ों लोगों की जान बचाकर सेवा कार्य की मिसाल पेश की है। इन्हीं उत्कृष्ट योगदानों के कारण उन्हें राष्ट्रपति पदक से अलंकृत किया गया, जिससे पूरा छत्तीसगढ़ और विशेषकर कोरिया जिला गौरव का अनुभव कर रहा है।

इस अवसर पर सांसद महंत के साथ योगेश शुक्ला, वेदांती तिवारी, विनोद शर्मा, सूरज महंत, भूपेंद्र यादव, सौरभ गुप्ता, जगदीश कुशवाहा सहित ग्राम पंचायत डकईपारा की सरपंच कातो बाई, उपसरपंच शशिकला मिश्रा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने डॉ. मिश्रा को शुभकामनाएं और सम्मान अर्पित किया।

हेचरी बंद होने से मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर संकट, कलेक्टर कोरिया को सौंपा ज्ञापन



बर्ड फ्लू के बाद से बंद पड़ा हेचरी

कोरिया/बैकुंठपुर- नगर स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र (हेचरी) बंद होने से वहाँ कार्यरत मजदूरों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अपनी कठिनाइयों को लेकर मजदूरों ने कलेक्टर कोरिया को ज्ञापन सौंपा और कहा कि हैचरी बंद रहने से उनकी आय का साधन पूरी तरह छिन गया है।

मजदूरों की पीड़ा

मजदूरों का कहना है कि हैचरी से उनकी आजीविका जुड़ी थी। अचानक संचालन रुक जाने से परिवार के पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च पूरे करना कठिन हो गया है। ज्ञापन में उन्होंने अपनी आर्थिक समस्या स्पष्ट करते हुए शासन-प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की है।

हेचरी में कार्य करने वाले मजदूरों ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में बताया कि,बर्ड फ्लू के कारण हेचरी का संचालन बन्द कर दिया गया था लेकिन अब बर्ड फ्लू से हेचरी पूरी तरह मुक्त है जिससे शुरू किया जाना चाहिए।मजदूरों ने कहां कि काम बंद होने से वे बेरोज़गार हो गए हैं और अब उनके सामने रोज़मर्रा का खर्च निकालना भी मुश्किल है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि उनकी जीविका बचाने के लिए उचित कदम उठाए जाएँ।

गौरतलब है कि, हेचरी को पुनः शुरू करने के शासन के निर्णय का कुछ स्थानीय नगरवासी/जनप्रतिनिधि लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि हेचरी नगर के बीच बसी हुई है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य पर खतरा हो सकता है। इसी कारण उन्होंने हैचरी को नगर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है।


बादलखोल अभयारण्य में लकड़ी तस्करों का खेल,विभागीय मिलीभगत से हरा जंगल हो रहा तबाह

  वन माफियाओं का बढ़ता दबदबा… परिक्षेत्र अधिकारी की लापरवाही या फिर अंदरूनी सांठगांठ?



नारायणपुर/जशपुरनगर,बादलखोल अभयारण्य एक बार फिर से सुर्खियों में है। बीते माह  साहीडांड़ बिट क्षेत्र में वर्षों पुराने साल वृक्षों को तस्करों ने बेरहमी से काट डाला। भारी-भरकम पेड़ों के गिरने से आसपास और वृक्ष भी टूटकर बर्बाद हो गए। इतना बड़ा घटनाक्रम घटित हो गया और वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह महज लापरवाही है या फिर अंदरूनी मिलीभगत, बड़ा सवाल यही है।

सूत्रों के मुताबिक तस्करों ने आधुनिक  मशीन से पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। रात भर चली कटाई की भनक तक परिक्षेत्र अधिकारी या उनके अधीनस्थ स्टाफ को नहीं लगी। जबकि इस इलाके में लगातार अवैध कटान और तस्करी की घटनाएं सामने आती रही हैं।

विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

घटना ने सीधे-सीधे वन परिक्षेत्र अधिकारी के कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना विभागीय मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर कटाई संभव नहीं।हालांकि विभाग का दावा है कि "तस्करों की पतासाजी की जा रही है", लेकिन अब तक किसी बड़े आरोपी तक पहुंच नहीं सकी है। यही वजह है कि विभाग की जवाबदेही और पारदर्शिता पर लगातार प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

 इस पूरे मामले में पर्यावरण प्रेमियों ने गंभीर सवाल उठाया है उनका मानना है कि वन विभाग की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर कटाई संभव है।परिक्षेत्र अधिकारी और और उनके अधीनस्थ आखिर किसे बचा रहे हैं,लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद निगरानी और गश्ती क्यों नाकाम है,क्या भ्रष्टाचार की जड़ें विभाग के भीतर तक फैली हुई हैं?

बता दे कि,बादलखोल अभयारण्य की ताज़ा घटना ने वन विभाग की साख और पारदर्शिता दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। हरे-भरे जंगल तस्करों के लिए कब तक खुले बाजार बने रहेंगे।अगर उच्च अधिकारी तत्काल कठोर कदम नहीं उठाते, दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और मिलीभगत की जांच नहीं की जाती, तो यह अभयारण्य आने वाले समय में केवल कागज़ों और सरकारी फाइलों में ही सुरक्षित रह जाएगा।

बैकुंठपुर हैचरी को लेकर विरोध तेज, लेकिन शासन का निर्णय – बंद होने से राजस्व व हितग्राहियों को भारी नुकसान


शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र बैकुंठपुर

कोरिया,छत्तीसगढ़ी/बैकुंठपुर नगर के बीच स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र (हैचरी) को पुनः शुरू करने की अनुमति सरकार ने प्रदान कर दी है। हाल ही में भारत सरकार और राज्य पशु चिकित्सा सेवाओं ने रायगढ़ और कोरिया जिले के पोल्ट्री फार्म को Highly Pathogenic Avian Influenza (बर्ड फ्लू) से मुक्त घोषित करते हुए Restocking की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी किया।

स्थानीय स्तर पर विरोध

हालाँकि, इस निर्णय का कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विरोध किया है। उनका तर्क है कि हैचरी शहर के बीच बसी हुई है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। इसलिए इसे नगर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की जा रही है।

विभागीय पक्ष और वास्तविकता

वहीं, पशु चिकित्सा विभाग का कहना है कि हैचरी को लंबे समय से संचालित किया जा रहा है और यहाँ से अब तक किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य संकट सामने नहीं आया। विशेषज्ञों द्वारा निगरानी और सख्त जैव सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाता है।

इसके अलावा, यदि हैचरी को बंद कर दिया गया तो शासन को प्रतिवर्ष लाखों रुपये का राजस्व नुकसान होगा। इसके अलावा जिले व जिले से बाहर के लाभान्वित होने वाले सैकड़ों किसान, बेरोजगार युवा और छोटे व्यवसायी प्रभावित होंगे। वहीं चूजों और अंडों की स्थानीय आपूर्ति रुक जाएगी, जिससे बाजार व्यवस्था और कीमतों पर असर पड़ेगा।

शासन का स्पष्ट निर्देश

21 जुलाई 2025 को भारत सरकार के आदेश और 22 जुलाई व 14 अगस्त 2025 को राज्य सरकार के पत्रों में साफ तौर पर कहा गया है कि रायगढ़ और कोरिया के पोल्ट्री फार्म बर्ड फ्लू से पूरी तरह मुक्त हैं। यहाँ Restocking की प्रक्रिया जारी रहेगी। हैचरी संचालन पर किसी प्रकार की रोक नहीं है।

किसानों और हितग्राहियों की राय

स्थानीय किसानों का कहना है कि हैचरी उनके लिए रोजगार और आय का महत्वपूर्ण साधन है। यदि यह बंद हो जाती है तो उन्हें बाहर से महंगे दामों पर चूजे और अंडे मंगवाने पड़ेंगे, जिससे उनकी लागत बढ़ जाएगी और मुनाफा घटेगा।

हालांकि कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का विरोध अपनी जगह जायज है, लेकिन जब तक हैचरी के लिए उपयुक्त वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक किसानों और हितग्राहियों के हित में इसका संचालन सुचारू रूप से जारी रहना आवश्यक है।

विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों की आशंका को दूर करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों को और सख्ती से लागू किया जा सकता है, लेकिन हैचरी बंद करना समाधान नहीं है। यह केंद्र न केवल राजस्व का स्रोत है बल्कि जिले के हजारों हितग्राहियों की आजीविका से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए हैचरी का संचालन जारी रहना आवश्यक है।


जिला स्तरीय आधार कार्ड समस्या निवारण शिविर का आयोजन




कोरिया/जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज जिला मुख्यालय पर मानस भवन में जिला स्तरीय आधार कार्ड समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले भर से हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिनमें वृद्धजन, दिव्यांगजन और स्कूली बच्चे विशेष रूप से शामिल थे। यूआईडीएआई के विशेषज्ञों की उपस्थिति में आयोजित इस शिविर में आधार से संबंधित बायोमेट्रिक मिसमैचिंग, मल्टीपल रीजेक्शन के प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। साथ ही, आधार कार्ड बनवाने में आ रही विभिन्न समस्याओं का समाधान भी किया गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को आधार कार्ड से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की। शिविर का उद्देश्य आधार कार्ड से संबंधित समस्याओं का तुरंत समाधान कर जनता को राहत पहुंचाना रहा। 
 प्रशासन का कहना है कि ऐसे शिविरों का आयोजन भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि नागरिकों को आधार से जुड़ी सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से मिल सकें।

आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक

बैठक में कलेक्टर 



बोल बच्चन न्यूज़

कोरिया,बैकुंठपुर/ कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। इस बैठक में आदि कर्मयोगी अभियान क्रमबद्ध समीक्षा की,  साथ ही सफल आयोजन के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए।आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण 18 से 21 अगस्त तक किया गया, इसके पश्चात् जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों द्वारा विकासखंड मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण 01 से 03 सितंबर तक आयोजित किया गया।  प्रशिक्षित विकासखंड मास्टर ट्रेनर क्लस्टर में कार्य करेंगे।   जिले में चयनित 154 ग्रामों को 21 क्लस्टर में विभाजित किया गया है, जिनमें बैकुंठपुर विकासखंड के 19 और सोनहत विकासखंड के 2 क्लस्टर शामिल हैं। इन क्लस्टरों का प्रशिक्षण 9 से 14 सितंबर के बीच आयोजित किया जाएगा।   कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने बैठक में कहा कि यह अभियान सभी विभागों का है, और इसमें सभी को सक्रियता से भाग लेनी चाहिए। उन्होंने वॉलेंटियर बनाने पर बल देते हुए कहा कि ग्राउंड लेवल पर महिलाओं को इसमें शामिल किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 10 सितंबर तक वॉलेंटियर की लिस्ट तैयार कर ली जाए। इस अभियान के सफल संचालन के लिए गांव के लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रचार-प्रसार को व्यापक रूप से किया जाए।   

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि यह सेवा का संकल्प और समर्पण से काम करने का अभियान है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में अधिकारी कर्मचारी सभी की भूमिका अहम है। जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर के ट्रेनर अपनी उपयोगिता निभाएंगे। ग्राम स्तर के ट्रेनर अपने ग्राम में वॉलेंटियर के साथ भ्रमण कर समस्याओं का अवलोकन करेंगे और विलेज डेवलेपमेंट प्लान बनाकर ग्राम सभा अनुमोदन के पश्चात ब्लॉक स्तर मास्टर ट्रेनर के समक्ष 17 से 23 सितंबर प्रेषित किया जाएगा। इसके बाद, ब्लॉक स्तर के मास्टर ट्रेनर इसे 24 से 25 सितंबर तक जांच कर जिला स्तर पर प्रेषित करेंगे। हमें इस अभियान को 100 प्रतिशत सेचुरेशन मोड में संचालित करना है।   गैर सरकारी संस्थाओं का इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका है, जो विलेज डेवलेपमेंट प्लान बनाने में ग्राम वॉलेंटियर का सहयोग करेंगे।   इस बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, दोनों जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अन्य जिला अधिकारी और जिले के मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे।

कोरिया पुलिस ने सुलझाई निर्मम हत्या की गुत्थी सास की सेवा विवाद से उपजा षड्यंत्र, महिला आरोपी गिरफ्तार

 

आरोपी महिला

बैकुंठपुर/कोरिया जिले की बैकुण्ठपुर पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पारिवारिक विवाद और बुजुर्ग सास की सेवा-सुश्रूषा के झगड़े ने अंततः हत्या जैसी जघन्य वारदात को जन्म दिया।

घटना का खुलासा

1 सितंबर 2025 को बैकुण्ठपुर निवासी पार्वती साहू (19 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना उसके पति अनुज साहू ने थाने में दी। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।

पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन, एएसपी पंकज पटेल और एसडीओपी राजेश साहू के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण, आसपास के सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और पीएम रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।

विवाद की जड़

जांच से पता चला कि मृतिका के पिता सूरज लाल साहू ने जीवनकाल में अपने भतीजे चन्द्रप्रकाश साहू और उसकी पत्नी अनीता साहू को सेवा-सुश्रूषा के बदले दो एकड़ भूमि दी थी। पिता की मृत्यु के बाद परिवार में विवाद गहराता चला गया।

परिवार की बुजुर्ग सदस्य सुखमन साहू (बड़ी सास) अपने भरण-पोषण और देखरेख के लिए मृतिका पार्वती पर ज्यादा विश्वास करती थीं। इससे आरोपी अनीता साहू नाराज रहती थी और इसी तनाव ने हत्या का रूप ले लिया।

वारदात कैसे हुई?

1 सितंबर को दोपहर करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच जब पार्वती अपने कक्ष में विश्राम कर रही थी, तभी आरोपी महिला अनीता साहू (36 वर्ष) ने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

इसकी पुष्टि होने पर थाना बैकुण्ठपुर में अपराध क्रमांक 306/2025 धारा 103(1), 332(ए) भारतीय न्याय संहिता अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

आरोपी गिरफ्तार

विशेष टीम ने 8 सितंबर 2025 को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया।

पुलिस टीम की सराहना

इस मामले के सफल खुलासे में निरीक्षक विपिन लकड़ा, निरीक्षक शीतल सिदार, उपनिरीक्षक जयालक्ष्मी, प्रधान आरक्षक दीपक पाण्डेय, महिला आरक्षक किरण पैकरा और पूर्णिमा सिदार की अहम भूमिका रही।

एसपी रवि कुमार कुर्रे ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि,

“यह बैकुण्ठपुर पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि है। मामले का त्वरित खुलासा कर आरोपी को जेल भेजा गया, जिससे न्याय की उम्मीद रखने वाले परिवार को राहत मिली है।”

🚦 प्रदेश का गौरव बने ट्रैफिक मैन महेश मिश्रा, स्वास्थ्य मंत्री सहित जनप्रतिनिधियों ने घर पहुंचकर किया सम्मान, राष्ट्रपति पदक मिलने पर उमड़ा बधाइयों का सैलाब

स्वास्थ्य मंत्री

कोरिया/बैकुंठपुर

समाज सेवा, जनहित और जीवन रक्षा के कार्यों को अपना जीवन समर्पित कर देने वाले ट्रैफिक मैन के नाम से मशहूर हवलदार डॉ. महेश मिश्रा को प्रदेश के मुख्यमंत्री के हाथों स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति का गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा पदक प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि पर प्रदेशभर में खुशी की लहर है और लगातार लोग उनके घर पहुंचकर बधाई एवं सम्मान दे रहे हैं।


सोमवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ग्राम उनके गृह ग्राम खैरी पहुंचे और डॉ. मिश्रा को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा—

महेश मिश्रा अद्वितीय प्रतिभा के धनी हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा और त्याग हम सबके लिए प्रेरणा है। ऐसे कर्मचारियों पर हम सबको गर्व है। जब आपके जिले में ऐसे लोग हों तो प्रदेश का नाम स्वतः रोशन होता है और जनता का विश्वास और बढ़ता है।”


कोरिया जिला प्रभारी


भाजपा उपाध्यक्ष भी पहुंचे, बताया सच्चा देशभक्त


इससे पूर्व गत रविवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कोरिया जिला प्रभारी प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी डॉ. मिश्रा के घर पहुंचे थे। उन्होंने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि मिश्रा सच्चे अर्थों में देशभक्त और समाजसेवी हैं, जिन्होंने अपने कार्यों से जनमानस का दिल जीता है।


दो दशकों से लगातार सेवा, सैकड़ों जानें बचाईं


डॉ. महेश मिश्रा पिछले दो दशकों से निरंतर जनजागरूकता और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के साथ ही उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाने का पुनीत कार्य किया है। उनकी इसी समर्पित सेवा का परिणाम है कि उन्हें राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया।



बधाइयों का तांता


राष्ट्रपति पदक प्राप्त करने के बाद मिश्रा के घर बधाइयों और सम्मान देने वालों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्र के विधायक भईया लाल राजवाड़े, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे, पूर्व विधायक अंबिका सिंहदेव, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल, जनप्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, गणमान्य नागरिक और मित्र लगातार उनके घर पहुंचकर शुभकामनाएँ दे रहे हैं।


जनमानस के नायक बने


इतने बड़े पैमाने पर लोगों का उनके घर जाकर सम्मान करना इस बात का प्रमाण है कि डॉ. महेश मिश्रा ने अपने कार्यों से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया है। आज पूरा छत्तीसगढ़ प्रदेश और विशेषकर कोरिया जिला उनके इस सम्मान से गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

जनचौपाल लगाकर प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों से हो रहा प्रतिदिन संवाद




आवास निर्माण कार्य में गति व गुणवत्ता के लिए जिला प्रशासन की नई पहल


कोरिया,बैकुंठपुर/वंचित वर्ग को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए केद्र एवं राज्य सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का कोरिया जिले में निरंतर तेज गति से क्रियान्वयन हो रहा है। इस योजना को और ज्यादा अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में पूरे जिले में हितग्राहियों के बीच प्रतिदिन जनचौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत ग्राम पंचायतों में तकनीकी सहायकों की टीम प्रतिदिन प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण कर रही है। इस पहल का अच्छा प्रतिसाद देखने को मिल रहा है। बीते एक सप्ताह में जनचौपाल से आवास निर्माण कार्यों में बेहद कारगर प्रगति देखने को मिल रही है। 


लक्ष्य और आंकड़े

      कोरिया जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 11 हजार से ज्यादा आवास बनाए जाने हैं जिनमें से 9 हजार 465 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और 2030 आवास के हितग्राहियों के पंजीयन की कार्यवाही प्रचलन में है। स्वीकृत किए जा चुके आवासों में से अब तक 4 हजार परिवारों के पक्के आवास पूर्ण हो चुके हैं और अब केवल 5 हजार 588 प्रगतिरत आवासों को पूर्ण किया जाना शेष है। 


जनचौपाल में संवाद

      बीते 3 सितम्बर से प्रतिदिन जिले के चिन्हित ग्राम पंचायतों में तकनीकी सहायकों द्वारा प्रतिदिन जनचौपाल लगाई जा रही है। इसमें ग्राम पंचायत के सभी ऐसे हितग्राहियों को शामिल किया जा रहा है जिनके आवास अभी पूर्ण नहीं हुए हैं। बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत कुल 9 तकनीकी सहायकों को रोस्टर बनाकर जनचौपाल लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत कुल 6 तकनीकी सहायकों को तिथिवार जनचौपाल आयोजित किए जाने के लिए नियुक्त किया गया है। आगामी 20 सितंबर तक पूरे जिले की ग्राम पंचायतों को कवर कर लिया जाएगा। 


सीईओ जिला पंचायत कोरिया

         इस संबंध में जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सितंबर माह में अधिकाधिक आवास पूर्ण करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में हितग्राहियों के बीच चौपाल लगाकर संवाद किया जा रहा है। इससे हितग्राहियों को संसाधन जुटाने में मदद मिल रही है और तकनीकी टीम के द्वारा निर्माण कार्यों की सतत निगरानी भी हो पा रही है। 


कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी 

     कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी सलाह और संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जनचौपाल कार्यक्रम आरंभ किया गया है और आपसी संवाद से हर समस्या का निराकरण करते हुए कोरिया जिले में लक्ष्य के अनुरूप स्वीकृत आवासों को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

कृषि, वेटनरी एवं मत्स्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक संपन्न



कोरिया,छत्तीसगढ़/कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में कृषि, पशुचिकित्सा और मत्स्य विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।  

बैठक में कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने विभागवार पिछले वर्ष की तुलनात्मक समीक्षा की। कृषि विभाग के विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 5518.60 क्विंटल बीज का भंडारण किया जा चुका है, जिसमें से 5518.60 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया गया है। यह कुल भंडारण का लगभग 100 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्राप्त विभागीय जानकारी के अनुसार दलहन के फसल वर्ष 2024 में 9194 हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2025 में 9690 हेक्टेयर हुआ है। वहीं तिलहन के रकबा 2024 में 1874 हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2025 में 2230 हेक्टेयर हुआ है। जिसमें मुंगफली, तिल, रामतील आदि फसल शामिल है। 
उन्होनें कहा कि  पिछले प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए बीज भंडारण, खाद्य वितरण, कीट नियंत्रण, फसल बीमा और किसान रजिस्ट्रेशन जैसे कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्राम सेवकों, तहसीलदार और पटवारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का निर्देश दिये साथ ही  विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार और पशु वैक्सीनेशन का टारगेट तथा मत्स्य विभाग को योजनाओं को जनता तक पहुंचाएं और छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित कर जानकारी फैलाएं।  धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चयनित 154 ग्रामों में गतिविधियों में भागीदारी का भी आह्वान किया।  

समीक्षा बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर  डी.डी. मांडवी, उपसंचालक कृषि, उपसंचालक पशु सेवाएं, सहायक मत्स्य अधिकारी और अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

चरचा प्राथमिक शाला में शिक्षण की नई पहल – आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ





चरचा। पी. एम. श्री शासकीय प्राथमिक शाला चरचा में संकुल स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की गई। विद्यालय में साइंस लर्निंग सेंटर, मुस्कान पुस्तकालय, संगीत कक्ष एवं स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी  जितेन्द्र गुप्ता, नगर पालिका शिवपुर-चरचा के अध्यक्ष  कुंडल साय, मंडल अध्यक्ष श्रीमती दीपा विश्वकर्मा, संकुल प्राचार्य बालक चरचा  रामलखन यादव, संकुल समन्वयक  राजेन्द्र कुमार मंडल, संकुल समन्वयक चरचा कन्या  निर्मल लकड़ा तथा व्याख्याता  कमल डडसेना विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इन नई आधुनिक सुविधाओं से विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा, पठन-पाठन, कला-संस्कृति एवं डिजिटल तकनीक आधारित शिक्षण का लाभ मिलेगा। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इससे बच्चों का ज्ञान और व्यक्तित्व दोनों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

पी. एम. श्री स्कूल शिवपुर चरचा में साइंस लर्निंग सेंटर का उद्घाटन भी हुआ

 शिवपुर चरचा नगर पालिका क्षेत्र में संकुल स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। 



कोरिया,छत्तीसगढ़/कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में इस समारोह का आयोजन प्राथमिक शाला चरचा में किया गया। इस दौरान साइंस लर्निंग सेंटर, मुस्कान पुस्तकालय, संगीत कक्ष और स्मार्ट क्लास का भी उद्घाटन किया गया।


 जिला शिक्षा अधिकारी  जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि शिक्षक समाज की आधारशिला हैं, जो बच्चों को शिक्षा, संस्कार, मूल्य और नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए आधुनिक सुविधाओं के लाभ पर जोर दिया और शिक्षकों से निरंतर नवाचार एवं समर्पण की अपेक्षा की। 


समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रधान पाठकों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिनमें श्रीमती सीमा मिश्रा, श्रीमती सुमन राज गोंड, बृजलाल रजवाड़े, और अन्य शिक्षक शामिल रहें।


 इस अवसर पर नगर पालिका शिवपुर-चरचा के अध्यक्ष  कुंडल साय, मंडल अध्यक्ष श्रीमती दीपा विश्वकर्मा, संकुल प्राचार्य  रामलखन यादव, संकुल समन्वयक  राजेंद्र कुमार मंडल, निर्मल लकड़ा और व्याख्याता  कमल डडसेना भी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी करने वाले ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त


पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, समन्वयक सहित अन्य को शो काज नोटिस जारी


कोरिया, बैकुंठपुर/प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के बेहतर क्रियान्वयन हेतु जिला प्रशासन कोरिया पारदर्शिता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। इस दिशा में कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के निर्देशन में जिला पंचायत कोरिया से योजना का लाभ अन्य व्यक्ति को देने वाले ग्राम पंचायत के ऑपरेटर को पद से पृथक करने हेतु आदेश जारी किया गया है। वहीं इस मामले में योजना की विकासखंड समन्वयक, तकनीकी सहायक, जनपद पंचायत में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर और ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। 

   विदित हो कि बैकुंठपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत बुढार निवासी  गंगा राम साहू ने कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के समक्ष आवेदन पत्र देकर अपने पात्रता निरस्त होने पर अन्य अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।

 इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लेकर कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जिला पंचायत सीईओ डॉ आशुतोष चतुर्वेदी को टीम बनाकर पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए। मामले की जांच में टीम ने यह पाया गया कि ग्राम पंचायत के ऑपरेटर ने  जान बूझकर अन्य व्यक्ति को योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया। और इस मामले में अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरतने से अपात्र को योजना का आंशिक लाभ भी मिला। 

जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर ग्राम पंचायत के ऑपरेटर राजेश कुमार कुर्रे को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक करने का आदेश जारी कर दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव  भरत कुशवाहा, विकासखंड समन्वयक श्रीमती छाया सक्सेना, तकनीकी सहायक श्रीमती नेहा सिंह और जनपद पंचायत में डाटा एंट्री ऑपरेटर  सनोज दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। पदीय कर्तव्यों में लापरवाही पर जारी नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कर्मचारियों पर आगे भी कार्यवाही की जाएगी।

डॉ आशुतोष चतुर्वेदी सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के निर्देशन में योजना में सिर्फ पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने का कार्य किया जा रहा है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर कोरिया के स्पष्ट निर्देश हैं कि लापरवाही बरतने वाले दोषी कर्मचारी या अधिकारी पर अविलंब कठोर कार्रवाई प्रस्तावित होगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी करने वाले ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त


 

पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, समन्वयक सहित अन्य को शो काज नोटिस जारी


कोरिया/ बैकुंठपुर/प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के बेहतर क्रियान्वयन हेतु जिला प्रशासन कोरिया पारदर्शिता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। इस दिशा में कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के निर्देशन में जिला पंचायत कोरिया से योजना का लाभ अन्य व्यक्ति को देने वाले ग्राम पंचायत के ऑपरेटर को पद से पृथक करने हेतु आदेश जारी किया गया है। वहीं इस मामले में योजना की विकासखंड समन्वयक, तकनीकी सहायक, जनपद पंचायत में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर और ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। 


  विदित हो कि बैकुंठपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत बुढार निवासी  गंगा राम साहू ने कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के समक्ष आवेदन पत्र देकर अपने पात्रता निरस्त होने पर अन्य अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।

इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लेकर कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जिला पंचायत सीईओ डॉ आशुतोष चतुर्वेदी को टीम बनाकर पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए। मामले की जांच में टीम ने यह पाया गया कि ग्राम पंचायत के ऑपरेटर ने  जान बूझकर अन्य व्यक्ति को योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया। और इस मामले में अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरतने से अपात्र को योजना का आंशिक लाभ भी मिला। 

जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर ग्राम पंचायत के ऑपरेटर राजेश कुमार कुर्रे को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक करने का आदेश जारी कर दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव श्री भरत कुशवाहा, विकासखंड समन्वयक श्रीमती छाया सक्सेना, तकनीकी सहायक श्रीमती नेहा सिंह और जनपद पंचायत में डाटा एंट्री ऑपरेटर सनोज दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। पदीय कर्तव्यों में लापरवाही पर जारी नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कर्मचारियों पर आगे भी कार्यवाही की जाएगी।


डॉ आशुतोष चतुर्वेदी सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के निर्देशन में योजना में सिर्फ पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने का कार्य किया जा रहा है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर कोरिया के स्पष्ट निर्देश हैं कि लापरवाही बरतने वाले दोषी कर्मचारी या अधिकारी पर अविलंब कठोर कार्रवाई प्रस्तावित होगी।

संभागीय सेनानी राजेश पाण्डेय ने भव्य समारोह में सौंपा पदोन्नति आदेश – “महेश मिश्रा विभाग और समाज की शान”




🏅 राष्ट्रपति पदक से सम्मानित ट्रैफिक मैन डॉ. महेश मिश्रा को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन


बैकुंठपुर, कोरिया।छत्तीसगढ़ का कोरिया जिला इन दिनों गर्व से सराबोर है। कारण है – ट्रैफिक मैन के नाम से मशहूर डॉ. महेश मिश्रा। जिन्होंने अपनी अनूठी सेवाओं और समाज के प्रति निस्वार्थ समर्पण के लिए पहले राष्ट्रपति पदक हासिल किया और अब उन्हें विभागीय स्तर पर भी आउट ऑफ टर्न प्रमोशन का सम्मान मिला है।

सोमवार को नगरसेना कार्यालय तलवापारा में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में संभागीय सेनानी राजेश पाण्डेय ने उन्हें नायक से हवलदार पद पर पदोन्नति आदेश सौंपा। समारोह में मौजूद अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मिश्रा जी का अभूतपूर्व स्वागत किया।

 समर्पण की मिसाल

डॉ. मिश्रा ने बीते दो दशकों से सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक अनुशासन और जनजागरूकता की मुहिम को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है।

  • सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद कर सैकड़ों लोगों की जान बचाई,
  • छात्रों और युवाओं को ट्रैफिक नियमों का महत्व समझाया,
  • समाज सेवा और जनहित कार्यों को अपनी दिनचर्या बना लिया।

उनका प्रसिद्ध वाक्य “तन समर्पित, मन समर्पित, यह जीवन समाज सेवा के नाम समर्पित” उनके व्यक्तित्व और कार्यों का सजीव परिचय है।


 राष्ट्रपति पदक – जिले का गौरव

15 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री के हाथों उन्हें राष्ट्रपति का गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा पदक प्रदान किया गया। इस अवसर ने न केवल महेश मिश्रा का मान बढ़ाया, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से कोरिया जिले को गर्वित किया।


जिलेभर से उमड़ा सम्मान

पदोन्नति आदेश मिलने के बाद उनके घर और कार्यालय पर बधाई देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी।

  • विधायक भईया लाल राजवाड़े,
  • कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी,
  • पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे,
  • पूर्व विधायक श्रीमती अंबिका सिंहदेव,
    सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन उनके निवास पहुंचकर शुभकामनाएँ दे रहे हैं।

इतना व्यापक सम्मान इस बात का प्रमाण है कि डॉ. मिश्रा ने हर वर्ग के दिल में अपनी खास जगह बनाई है।


 संभागीय सेनानी का बयान

संभागीय सेनानी राजेश पाण्डेय ने कहा –
👉 “डॉ. मिश्रा विलक्षण प्रतिभा के धनी हैं। उनका समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा विभाग का नाम रोशन करती है और आम जनमानस में सकारात्मक संदेश देती है। हम सबको उन पर गर्व है।”


 जनता का नायक

आज पूरे जिले में चर्चा का सिर्फ एक ही विषय है –
👉 “क्या अमीर, क्या गरीब… महेश भाई सबके करीब।”

डॉ. महेश मिश्रा का सफर इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि यदि नीयत समाज की सेवा करने की हो, तो एक साधारण कर्मचारी भी लोगों का असाधारण नायक बन सकता है।