राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान से सम्मानित हुए रनई के डॉ. आलोक तिवारी मानद पीएचडी के बाद एक और बड़ी उपलब्धि, कोरिया जिले का बढ़ाया गौरव

 


बैकुंठपुर/रनई। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले और ग्राम रनई के लिए एक बार फिर गौरव का क्षण आया है। ग्राम रनई निवासी ज्योतिषाचार्य डॉ. आलोक तिवारी (मनीष) को ज्योतिष की प्राचीन एवं वैदिक विद्या के क्षेत्र में उनके ज्ञान, ज्योतिषीय विद्वता, आध्यात्मिक मार्गदर्शन, मानव सेवा और समाज में उल्लेखनीय योगदान के लिए “राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया है।

बताया गया कि 4 सितंबर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सेवाप्रीत फाउंडेशन, लखनऊ द्वारा डॉ. आलोक तिवारी को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के बाद उनके गृह ग्राम रनई सहित पूरे कोरिया जिले में हर्ष का माहौल है।

मानद पीएचडी के बाद मिली दूसरी बड़ी उपलब्धि

डॉ. आलोक तिवारी को इससे पहले 29 जून 2026 को ज्योतिष एवं वास्तु के क्षेत्र में उनके अनुभव और शोध के आधार पर Honorary Doctorate (मानद पीएचडी) की उपाधि प्राप्त हुई थी। इसके बाद वे “डॉ. आलोक तिवारी” के नाम से जाने जाने लगे। अब राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान मिलने के साथ ही उनके खाते में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है।

डॉ. तिवारी ने अपनी दोनों उपलब्धियों का श्रेय अपने गुरुदेव श्री अन्तरिक्ष शुक्ला (अयोध्या) को दिया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव के मार्गदर्शन और आशीर्वाद के बिना इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था। उनके लिए गुरुदेव का मार्गदर्शन सदैव महत्वपूर्ण रहा है।


छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर, विदेशों तक पहचान

डॉ. आलोक तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा ग्राम रनई के शासकीय विद्यालय से हुई। एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने अपने परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और ज्योतिष के प्रति समर्पण के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई। बताया जाता है कि ज्योतिष के क्षेत्र में उनके कार्य और अनुभव को देश के बाहर भी पहचान मिली है।उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और उचित मार्गदर्शन के साथ व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है।

यूट्यूब के माध्यम से निःशुल्क दे रहे ज्योतिष की शिक्षा

डॉ. आलोक तिवारी “Alok Tiwari ASTROLOGER” नामक यूट्यूब चैनल के माध्यम से ज्योतिष शास्त्र की निःशुल्क शिक्षा भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि ज्योतिष जैसी प्राचीन वैदिक विद्या का अधिक से अधिक विस्तार होना चाहिए और इसी उद्देश्य से वे लगातार प्रयास कर रहे हैं।

गुरु ने कहा—“यह मेरे लिए भी गौरव का क्षण”

डॉ. आलोक तिवारी के गुरुदेव श्री अन्तरिक्ष शुक्ला से फोन पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि किसी गुरु के लिए इससे बड़ी खुशी की बात नहीं हो सकती कि उसका शिष्य कोई बड़ी उपलब्धि हासिल करे। उन्होंने कहा कि डॉ. आलोक तिवारी की उपलब्धि उनके लिए भी गौरव का विषय है।गुरुदेव ने डॉ. तिवारी को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे इसी तरह आगे बढ़ते रहें और अपने ज्ञान के माध्यम से मानव कल्याण के लिए कार्य करते रहें।

बचपन के मित्रों में भी खुशी की लहर

डॉ. आलोक तिवारी के बचपन के मित्र शशि प्रकाश जायसवाल ने उनकी उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि जिस मित्र के साथ बचपन में गांव की गलियों और धूल में खेलते थे, आज वही अपनी मेहनत और ज्योतिषीय ज्ञान के माध्यम से देश-विदेश में पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि डॉ. तिवारी की उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि ग्राम रनई के युवाओं के लिए भी प्रेरणा है। उनकी इस सफलता से ग्रामवासियों में खुशी की लहर है। उन्होंने अपने बचपन के मित्र को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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