बैकुंठपुर। कोरिया वन मंडल के बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत मुगम बारी में CA (Compensatory Afforestation) प्लांटेशन फिर सुर्खियों में है,कारण पौधरोपण से ज्यादा उसकी तैयारी को लेकर है। मानसून सक्रिय होने के बावजूद CA प्लांटेशन के लिए गड्ढा खुदाई का काम कराया जा रहा है।मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिस भूमि पर प्लांटेशन की तैयारी की जा रही है, उसे लेकर पहले स्थानीय ग्रामीणों का विरोध सामने आ चुका है। ग्रामीणों का कहना था कि संबंधित भूमि पर लंबे समय से ग्रामीण काबिज थे। इसके बावजूद बाद में यही भूमि वन विभाग को प्लांटेशन के लिए उपलब्ध हो गई।
काबिज ग्रामीणों की जमीन से CA प्लांटेशन तक
मुगम बारी सहित CA प्लांटेशन के लिए चिन्हित भूमि को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से ही विवाद की स्थिति रही है। ग्रामीणों के काबिज होने के बावजूद भूमि का उपयोग CA प्लांटेशन के लिए किए जाने को लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया था।अब उसी क्षेत्र में प्लांटेशन की तैयारी के तहत गड्ढे खोदे जाने से पुराने सवाल फिर सामने आ गए हैं। ग्रामीणों का पक्ष क्या था, उनकी आपत्तियों का निराकरण किस स्तर पर हुआ इन सभी बिंदुओं को स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
बता दें कि,वर्तमान में मुगम बारी में CA प्लांटेशन के लिए गड्ढा खुदाई का कार्य वन विभाग के द्वारा कराया जा रहा है। बारिस के दौरान पौधरोपण किया जाना संभव है, लेकिन गड्ढा खुदाई का समय संबंधित स्वीकृत CA योजना और तकनीकी कार्ययोजना से तय होता है। इसलिए मुगम बारी में इस समय हो रही खुदाई पर सवाल यह नहीं है कि बारिश में काम किया ही नहीं जा सकता, बल्कि सवाल यह है कि वर्तमान गड्ढा खुदाई स्वीकृत समय-सारणी और तकनीकी मापदंडों के मुताबिक हो रहा है या नहीं?
गौरतलब है कि CA प्लांटेशन का उद्देश्य वन क्षेत्र की भरपाई के लिए पौधरोपण करना है, लेकिन बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र के मुगम बारी में सक्रिय बारिश के दौरान गड्ढा खुदाई कराए जाने की टाइमिंग अब सवालों के घेरे में है। आखिर जब मानसून के पहले ही प्लांटेशन की तैयारियां पूरी की जा सकती थीं, तो बारिश के बीच यह काम कराने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या यह कार्य स्वीकृत CA कार्ययोजना और निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुसार हो रहा है? इन तमाम सवालों का जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देना चाहिए।








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